गौरीगंज प्राथमिक विद्यालय में मॉक टेस्ट में मौजूद बच्चे।
अमेठी सिटी। निपुण मूल्यांकन परीक्षा से पहले जिले के सभी 1,570 परिषदीय विद्यालयों में मॉक टेस्ट आयोजित किया गया। इस दौरान टेस्ट में आने वाले कमियों को देखकर उसे सुधारने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
सभी विद्यालयों में एक साथ दोपहर 12 बजे से माॅक टेस्ट का आयोजन किया गया। इसी बीच शिक्षा विभाग की ओर से निपुण परीक्षा के संबंध में यूट्यूब सत्र भी शुरू कर दिया गया। जिसके चलते कई जगहों पर टेस्ट के आयोजन में दिक्कत हुई। वहीं दोपहर के समय भोजन अवकाश के चलते भी कई विद्यालयों में पहले व बाद में टेस्ट कराया जा सका। इस दौरान विद्यालयों में करीब 90 प्रतिशत उपस्थिति रही। जो बच्चे अनुपस्थित थे, उन्हें टोली भेजकर विद्यालय बुलाया गया।
बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि इस प्रकार के अभ्यास सत्र छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें वास्तविक परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार करने में सहायक साबित होते हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों को आगामी शिक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। विकास खंड गौरीगंज में प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर का निरीक्षण जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह ने किया। एडीओ पंचायत जगदीशपुर ने प्राथमिक विद्यालय लोनहट, सीडीपीओ अमेठी ने उच्च प्राथमिक विद्यालय लोनियापुर, जेई एमआई अजय ने शुकुलबाजार में निरीक्षण किया। परीक्षा का परिणाम आठ नवंबर को जारी किया जाएगा।
ओएमआर शीट को भरने में बच्चों ने की गलतियां
मॉक टेस्ट में बच्चों ने सबसे ज्यादा गलती ओएमआर शीट को भरने में की। जिसमें एक ही अंक के नीचे कई बार गोला बना दिया। इसी तरह उत्तर लिखते समय भी बच्चों ने एक ही प्रश्न के कई विकल्पों पर गोला बनाया। वहीं, गोला बनाने में बच्चों ने ओवर राइटिंग की। मौके पर मौजूद शिक्षकों ने गलतियां मिलने पर बच्चों को इस संबंध में आगाह भी किया। गणित के सवाल में रफ वर्क के लिए जगह नहीं होने पर भी बच्चों को समस्या हुई। जिसमें ओएमआर शीट पर ही बच्चों ने गुणा-भाग कर लिया। बच्चों को गोला भरने के लिए काली पेन दी गई थी।