वैसे सरकार के विकास, राशन, कोरोना काल में किए गए कार्य के साथ ही राममंदिर मुद्दा, जनता के बीच उपलब्धता के दावे के साथ अमेठी में भाजपा की स्मृति जूबिन इरानी की प्रतिष्ठा दांव पर है। वहीं, राजीव गांधी, सोनिया गांधी व राहुल गांधी के कार्यकाल में हुए कार्यों को लेकर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस के समक्ष साख बचाने की चुनौती है। वैसे यहां पर कांटे की टक्कर होने की बात कही जा रही है।
बनेगा रिकॉर्ड
-अगर अमेठी से भाजपा को जीत मिलती है तो लगातार दूसरी बार भाजपा को जीतने का रिकॉर्ड बनेगा। साथ ही स्मृति जूबिन इरानी दूसरी बार सांसद बनने वाली पहली महिला होंगी।
-कांग्रेस अगर जीतती है तो वर्ष 1977 व 1998 का इतिहास दोहराएगी। इन दो चुनावों में कांग्रेस ने हारने के बाद अगले चुनाव में जीत हासिल की थी।
-बसपा के साथ ही अन्य छोटे दल या निर्दलीय अगर चुनाव जीतते हैं तो यह रिकॉर्ड बनेगा। वजह अभी तक अमेठी में भाजपा, कांग्रेस व भारतीय लोकदल ने ही जीत दर्ज की है।