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Amethi News: अमेठी में भाजपा ने जीत का समीकरण बैठाया, कांग्रेस ने भी पूरा जोर लगाया

Mon, 03 Jun 2024 02:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी। जनादेश का परिणाम मंगलवार को सामने होगा, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के साथ ही प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ गई है। परिणाम क्या होगा...बाजी किसके हाथ आएगी...इस तरह के कई सवाल हैं जो आम लोगों के बीच बहस का मुद्दा बने हुए हैं। एग्जिट पोल के बाद राजनीतिक विश्लेषक एक बार फिर दलों की स्थानीय रणनीति को लेकर चर्चा कर रहे हैं। दरअसल, यहां से केंद्रीय मंत्री स्मृति जूबिन इरानी के भाग्य का फैसला मंगलवार को होगा। इस बार कांग्रेस ने यहां गांधी परिवार के करीबी किशोरीलाल शर्मा को मैदान में उतारा है। मतदान के बाद के रुझान को देखें तो भाजपा जीत का समीकरण बैठाते दिख रही है। कांग्रेस ने भी यहां पूरा जोर लगाया है। भाजपा के समक्ष यहां गत चुनाव में मिले मतों के अंतर को बढ़ाने व कांग्रेस को वर्ष 2019 में खोई सीट वापस लेने की चुनौती है। अमेठी संसदीय सीट पर इस बार कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला व भाजपा व कांग्रेस के बीच ही रहा। बसपा को अपनी साख बचाने की चुनौती है। वैसे यहां पर 54.34 फीसदी मतदान हुआ। विधानसभावार मतदान प्रतिशत की बात करें तो सबसे ज्यादा 56.52 फीसदी मतदान तिलोई विधानसभा में हुआ। यहां के भाजपा विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह वर्तमान में प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री हैं। दूसरे नंबर पर 55.34 फीसदी मतदान गौरीगंज में हुआ। वैसे तो यहां के विधायक की कुर्सी पर सपा के राकेश प्रताप सिंह काबिज हैं लेकिन, राज्यसभा चुनाव के समय क्रॉस वोटिंग व परिजनों के भाजपा में शामिल होने के बाद पर्दे के पीछे से खिलाए गए सियासी गुल का परिणाम मंगलवार को सामने होगा। 54.85 फीसदी मतदान के साथ सलोन में भाजपा के अशोक कोरी हैं। जगदीशपुर में भी भाजपा विधायक हैं, यहां पर कुल 53.51 फीसदी मतदान हुआ है। सबसे कम मतदान अमेठी विधानसभा में हुआ। यहां से सपा विधायक महराजी प्रजापति खुलकर तो सामने नहीं आईं लेकिन, उनके बेटे, बेटी व बहू ने खुले तौर पर भाजपा का प्रचार किया। मतदाताओं पर इसका कितना असर पड़ा, यह तो परिणाम आने के बाद ही साफ होगा।
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वैसे सरकार के विकास, राशन, कोरोना काल में किए गए कार्य के साथ ही राममंदिर मुद्दा, जनता के बीच उपलब्धता के दावे के साथ अमेठी में भाजपा की स्मृति जूबिन इरानी की प्रतिष्ठा दांव पर है। वहीं, राजीव गांधी, सोनिया गांधी व राहुल गांधी के कार्यकाल में हुए कार्यों को लेकर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस के समक्ष साख बचाने की चुनौती है। वैसे यहां पर कांटे की टक्कर होने की बात कही जा रही है।


बनेगा रिकॉर्ड
-अगर अमेठी से भाजपा को जीत मिलती है तो लगातार दूसरी बार भाजपा को जीतने का रिकॉर्ड बनेगा। साथ ही स्मृति जूबिन इरानी दूसरी बार सांसद बनने वाली पहली महिला होंगी।
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-कांग्रेस अगर जीतती है तो वर्ष 1977 व 1998 का इतिहास दोहराएगी। इन दो चुनावों में कांग्रेस ने हारने के बाद अगले चुनाव में जीत हासिल की थी।

-बसपा के साथ ही अन्य छोटे दल या निर्दलीय अगर चुनाव जीतते हैं तो यह रिकॉर्ड बनेगा। वजह अभी तक अमेठी में भाजपा, कांग्रेस व भारतीय लोकदल ने ही जीत दर्ज की है।
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