बाजारशुकुल। पूरे थानी रस्तामऊ निवासी सुमित पासी की मौत मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग पर अड़े परिजनों ने विरोध स्वरूप मृतक का अंतिम संस्कार नहीं किया। परिजनों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने देर शाम इस मामले में आरोपी चाची और दो भतीजों पर हत्या की एफआईआर दर्ज की। इसके बाद ही नाराज परिजनों ने अपना विरोध खत्म किया। मृतक का अंतिम संस्कार अब शुक्रवार को होगा। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।
सुमित पासी (22) का शव बुधवार को संदिग्ध परिस्थिति में गांव के बाहर पेड़ से लटका मिला था। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचते ही परिजनों ने गांव के लोगों के साथ गांव की ही राजदेई और उनके भतीजे रामनरेश व राकेश पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की थी।
साथ ही चेतावनी दी थी कि एफआईआर दर्ज न होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। माला देवी ने बताया कि बुधवार को रामनरेश, राकेश और राजदेई ने उनके बेटे सुमित को धमकी दी थी।
उन्होंने कहा कि दोपहर करीब एक बजे सुमित पैदल घर से निकला था, कुछ देर बाद तीनों बाइक से जाते दिखे। थोड़ी देर बाद सुमित का शव गांव से लगभग पांच सौ मीटर दूर आम के बाग में प्लास्टिक की रस्सी के फंदे से लटका मिला। आरोप है कि जिस रस्सी से सुमित लटका मिला, उसे रामनरेश एक दिन पहले घर लाया था।
परिजनों का कहना है कि पहले की रंजिश के तहत रामनरेश ने सुमित पर एक मुकदमा दर्ज करवाया था। जांच में सुमित निर्दोष मिला तो उसकी हत्या कर दी गई। विरोध प्रदर्शन बढ़ने पर जगदीशपुर सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। काफी प्रयासों के बाद भी डब परिजन अंतिम संस्कार करने को राजी नहीं हुए तो देर शाम आला अफसरों के हस्तेक्षप के बाद पुलिस ने सुमित की मां की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की कार्रवाई की। सीओ अतुल सिंह ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट होगा।