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इटली से अमेठी पहुंचा अमोनिया कन्वर्टर

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17 : जगदीशपुर : इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित इंडोराम उर्वरक कंपनी पहुंचा अमोनिया कन्वर्टर। -संवाद - फोटो : AMETHI
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जगदीशपुर (अमेठी)। इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित देश की आठवीं सबसे बड़ी उर्वरक कंपनी इंडोरामा फर्टिलाइजर (पूर्व में इंडोगल्फ) को आखिरकार अमोनिया कन्वर्टर की आपूर्ति प्राप्त हो गई। 32 करोड़ की लागत वाला यह कन्वर्टर इटली से आया है। 472 टन वजनी कन्वर्टर को जलमार्ग के सहारे डेढ़ साल की यात्रा के बाद अमेठी लाया जा सका।
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पूर्वांचल का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर में स्थित है। यहीं पर उर्वरक इकाई वर्तमान में इंडोरामा फर्टिलाइजर पूर्व में (इंडोगल्फ फर्टिलाइजर) स्थापित है। उर्वरक की यह कंपनी देश के भीतर आठवीं सबसे बड़ी यूरिया उत्पादक कंपनी मानी जाती है। इस उर्वरक इकाई के संचालन के लिए गैस भंडारण के लिए अमोनिया कन्वर्टर लगाए जाते हैं।
यह कन्वर्टर भारत देश में निर्मित नहीं होते। इसीलिए उर्वरक इकाई संचालक प्लांट में हमेशा दो अमोनिया कन्वर्टर रखते हैं। क्योंकि इसके लीकेज या जर्जर होने के बाद इकाई का संचालन और प्रोडक्शन बंद किए बिना अतिरिक्त अमोनिया कन्वर्टर से फैक्टरी का संचालन बहाल रख सकें। जानकारों के अनुसार इसे खरीदने के लिए पहले से ऑर्डर करना पड़ता है। ऐसे में इंडोगल्फ कंपनी ने अमोनिया कन्वर्टर का ऑर्डर दो वर्ष पूर्व इटली की एक कंपनी को दिया था। कंपनी ने 25 मई 2020 को कन्वर्टर को जलमार्ग के रास्ते अमेठी के लिए रवाना किया।
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मालवाहक जहाज से अंतर्देशीय जल मार्ग के रास्ते यह कन्वर्टर पहले पश्चिम बंगाल पहुंचा। पश्चिम बंगाल के कोलकाता बंदरगाह पर यह कन्वर्टर 13 सितंबर 2021 को पहुंचा। वहां से इसे दो जहाजों पर रखकर गंगा नदी के रास्ते मिर्जापुर तक लाया गया। कोलकाता से मिर्जापुर तक इसे लाने में करीब महीने भर लग गए। मिर्जापुर में यह कन्वर्टर 27 अक्तूबर 2021 को पहुंचा। यहां पर नदी के किनारे मझिगवां घाट पर जेट्टी का निमार्ण कर इसे जहाज से उतारा गया। इसके बाद 472 टन वजनी अमोनिया कन्वर्टर को सड़क मार्ग से शुक्रवार को उर्वरक इकाई पहुंचाया गया।
हाई पावर की गाड़ियों का हुआ इस्तेमाल
472 टन वजनी अमोनिया कन्वर्टर को 208 चक्के के कम ऊंचाई वाले ट्राले पर लोड किया गया। इसे खींचने और सुविधाजनक तरीके से मोड़ने के लिए दस चक्के की दो पावर युक्त दो गाड़ियां आगे पीछे लगाई गईं। सड़क मार्ग पर रास्ते में पड़ने वाली सात रेलवे क्रॉसिंग को पार करने के लिए रेलवे से परमीशन और ब्लॉक लेकर ट्रैक के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन इलेक्ट्रिक लाइन का पावर ऑफ कर इसे क्रॉस कराया गया। इस दौरान ट्रेनों का संचालन भी रोका गया।
नदी पर बनाना पड़ा अस्थायी पुल
प्रतापगढ़ स्थित सई नदी पर बने पुल पर से इस वजनी अमोनिया संयंत्र को चढ़ने की अनुमति जिला प्रशासन से नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन से अनुमति लेकर नदी पर अस्थायी वैकल्पिक पुल का निर्माण कर इसे नदी पार कराना पड़ा। इसे यहां तक लाने में कुल तीन जहाज लगे। अंतरदेशीय जलमार्ग का एक जहाज रास्ता बताते हुए चल रहा था और दो जहाजों पर अमोनिया कन्वर्टर प्लांट को लादा गया था।
जल्द होगी स्थापना
डेढ़ वर्ष में फैक्टरी पहुंचे अमोनिया कन्वर्टर को उर्वरक प्लांट गेट से भीतर कराने के लिए इकाई प्रमुख राजेंद्र सांखेय, प्रोडक्शन हेड एमपी यादव, परचेज हेड आनंद शाही, लाजिस्टिक राजेश सिंह, सिक्योरिटी इंचार्ज सहित बड़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारी सभी अपने-अपने ऑफिस से बाहर आ गए। इन अधिकारियों के अनुसार फैक्टरी में 24 जनवरी से 22 फरवरी तक शटडाउन है। इसी दौरान इसे स्थापित कर दिया जाएगा।
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