अमेठी सिटी। रसोई गैस की किल्लत से परेशान लोगों ने विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं। पिछले 15 दिनों में जिले में 10 हजार से अधिक इंडक्शन चूल्हों की बिक्री हो चुकी है। कई दुकानों पर स्टॉक तक खत्म हो गया है। इंडक्शन चूल्हों के साथ उपयोग होने वाले बर्तनों की बिक्री में भी तेजी आई है।
गैस संकट का असर बिजली खपत पर भी साफ दिख रहा है। जिले में बिजली की खपत 132 मेगावाट से बढ़कर करीब 148 मेगावाट तक पहुंच गई है। जिले में 5,64,923 उपभोक्ताओं के लिए इंडियन, हिंदुस्तान और भारत पेट्रोलियम की 32 गैस एजेंसियां संचालित हैं। रोजाना करीब 18 हजार बुकिंग हो रही हैं, जबकि सिर्फ पांच हजार उपभोक्ताओं तक ही सिलिंडर की आपूर्ति हो पा रही है। इसका असर परिषदीय और आवासीय स्कूलों की भोजन व्यवस्था पर भी पड़ा है।
गौरीगंज बाजार में गैस किल्लत का असर स्पष्ट दिख रहा है। इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार गिरीश ने बताया कि पहले जहां रोज एक-दो इंडक्शन चूल्हे बिकते थे, अब पांच से 10 तक बिक्री हो रही है। बर्तन विक्रेता हरिश्चंद्र जायसवाल ने बताया कि इंडक्शन उपयोगी बर्तनों की मांग तेजी से बढ़ी है और दिनभर ग्राहकों की भीड़ बनी रहती है।
इंडक्शन चूल्हे के दाम (रुपये में)
लोकल: 1,200 से 2,000
मिड रेंज: 2,000 से 3,500
ब्रांडेड: 3,500 से 5,000
प्रीमियम: 5,000 से 7,000
इंडक्शन बर्तनों के दाम (रुपये में)
कड़ाही: 600 से 2,500
तवा: 750 से 1,500
फ्राई पैन: 700 से 1,800
भगोना/सॉस पैन: 400 से 1,600
तड़का पैन: 300 से 700
बुकिंग के नौ दिन बाद मिल रहा सिलिंडर
गौरीगंज स्थित गोविंद गैस एजेंसी पर मंगलवार को उपभोक्ताओं की भीड़ में नाराजगी दिखी। रामकिशोर ने बताया कि 15 मार्च को बुकिंग कराने के बाद अब तक सिलिंडर के लिए इंतजार करना पड़ा। नईम ने कहा कि बुकिंग के बाद भी कई दिन का समय दिया जा रहा है। सीमा देवी ने बताया कि अब इंडक्शन खरीदकर भोजन बनाना पड़ रहा है। रामू दास ने कहा कि बिजली कटौती के कारण इंडक्शन चूल्हे पर खाना बनाने में दिक्कत हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के बाद एक-दो दिन में सिलिंडर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत ने बताया कि गैस की किल्लत नहीं है, बल्कि मांग अधिक होने के कारण दिक्कत आ रही है। जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
फोटो संख्या:62- गांव खायरा में स्थित आरा मशीन से लकड़ी खरीदता ग्राहक--संवाद
फोटो संख्या:62- गांव खायरा में स्थित आरा मशीन से लकड़ी खरीदता ग्राहक--संवाद