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अमेठी हत्याकांड: चंदन ने पूनम का जीना हराम कर रखा था, केस दर्ज होने के बाद थाने में बिठाकर दिया था छोड़

Sat, 05 Oct 2024 06:37 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, अमेठी

सार

अमेठी हत्याकांड में अब एक-एक करके राज बाहर आ रहे हैं। हत्या के आरोपी चंदन वर्मा को छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार तो किया था लेकिन थाने में बैठाकर छोड़ दिया गया था। 
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रायबरेली में इसी मकान में किराए पर रहता था आरोपी चंदन वर्मा। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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 शिक्षक व परिवार की हत्या में पिता ने रायबरेली के तेलियाकोट निवासी चंदन वर्मा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। परिवार का आरोप है कि चंदन ने ही शिक्षक के परिवार को मारा है। छेड़खानी को लेकर शिक्षक की पत्नी ने चंदन के खिलाफ 18 अगस्त को रायबरेली कोतवाली में केस दर्ज कराया था। सुनील के परिजनों ने बताया कि चंदन ने पूनम का जीना हराम कर दिया था।
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इसे लेकर गदागंज व भदोखर थाने में शिकायत भी की गई थी। लेकिन वहां चंदन माफी मांग बच गया था। इसके बाद जब फिर उसने परेशान किया तब पूनम ने केस दर्ज कराया । पुलिस ने चंदन को हिरासत में लिया था। आरोप है कि कुछ घंटे रखने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि यदि चंदन को पुलिस ने तभी जेल भेज दिया होता तो शायद यह घटना नहीं होती।

परिजनों के अनुसार चंदन करीब एक साल से पूनम के पीछे पड़ा था। शिक्षक सुनील रायबरेली में किराए पर पत्नी के साथ रहते थे तो उसी मकान में चंदन भी रहता था। वहीं चंदन और पूनम की पहचान हुई। तब से चंदन अक्सर पूनम को परेशान करता था। सुनील को इसका पता चला तो उसने विरोध शुरू किया। लेकिन चंदन पर कोई असर नहीं हुआ। वह पूनम के आसपास रहने की कोशिश करता रहा। वह पूनम की ससुराल व मायके भी पहुंच जाता।
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सुनील के पिता राम गोपाल व ससुर अजय कुमार ने बताया कि जब चंदन सफल नहीं हुआ तो उसने पूनम को बदनाम करना शुरू किया। चंदन ने पूनम और खुद की फोटो भी वायरल की। ससुराल व मायके में जाकर लोगों को फोटो भी दिखाई। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता। आरोप है कि चंदन ने सुनील कुमार को भी कई बार घेरा और मारने की कोशिश की। यहां तक कि वह सुनील के स्कूल में भी पहुंच गया था। सुनील ने इसकी शिकायत विभाग में भी की थी और पुलिस से भी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
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पुलिस ने खुद लिखी तहरीर और करा लिए दस्तखत

हत्याकांड के बाद वायरल एक वीडियो में शिक्षक के पिता का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि थाने में साहब लोग बैठे थे। हमको नहीं पता कि कागज पर क्या लिखा था। हम पढ़े-लिखे नहीं हैं। तहरीर थाने में लिखी गई थी। हमसे दस्तखत करा लिए गए। तहरीर पढ़कर नहीं सुनाई गई। ऐसे ही साइन करा लिए गए थे। अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

छोटी बेटी लाडो का पहले हुआ पोस्टमार्टम
चारों शवों का पोस्टमार्टम डॉ. विवेक चौधरी व डॉ. अभय गोयल के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पोस्टमार्टम की शुरुआत सबसे छोटी बेटी लाडो से हुई। इसके बाद बड़ी बेटी सृष्टि का शव विच्छेदन हुआ। इन दोनों के बाद शिक्षक व पत्नी की बारी आई। चारों शव एक साथ एंबुलेंस में रखे गए। बाहर बैठे मासूमों के बाबा व नाना शव देख रोने लगे। शवों को रायबरेली तक पहुंचाने के लिए सीओ सिटी अखिलेश वर्मा, एसएचओ जगदीशपुर धीरेंद्र यादव व फुरसतगंज इंस्पेक्टर श्रीराम पांडेय को लगाया गया।
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