गौरीगंज इफको सेंटर पर कतार में खड़े किसान। संवाद
अमेठी सिटी। जिले में धान की रोपाई अंतिम दौर में है, लेकिन उर्वरकों की वितरण व्यवस्था किसानों की परेशानी बढ़ा रही है। सरकारी रिकॉर्ड में डीएपी, यूरिया, एनपीके और एसएसपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध बताया जा रहा है, इसके बावजूद साधन सहकारी समितियों और इफको केंद्रों पर किसानों को समय से खाद नहीं मिल रही। सुबह से कतार में लगने के बाद भी कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
गौरीगंज इफको केंद्र पर सैंठा निवासी रामकेवल सिंह ने बताया कि सुबह से लाइन में खड़े हैं, लेकिन दोपहर तक खाद नहीं मिली। रोपाई का काम रुका हुआ है। सराय भागमानी निवासी शिवबरन यादव ने कहा कि समितियों पर हर बार यही स्थिति रहती है। कई घंटे इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिलती। मजबूरी में किसानों को निजी दुकानों से अधिक कीमत पर उर्वरक खरीदनी पड़ती है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है।
बेनीपुर निवासी रामअवतार ने बताया कि एक केंद्र पर खाद नहीं मिलने पर दूसरे केंद्र का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे पूरा दिन खराब हो जाता है। जिले में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन वितरण व्यवस्था में समन्वय की कमी के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने समितियों पर समय से खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।
जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह रंजन ने बताया कि जिले में सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी सहकारी समितियों, इफको केंद्रों और निजी विक्रेताओं की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी वितरण या तकनीकी समस्या की सूचना मिलती है, उसे तत्काल दूर कराया जाता है।
वितरण व्यवस्था की हो नियमित निगरानी
सेवानिवृत्त कृषि अधिकारी लाल बहादुर का कहना है कि केवल गोदामों में खाद का स्टॉक होना पर्याप्त नहीं है। मांग वाले केंद्रों तक समय पर आपूर्ति, वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी, पीओएस और सर्वर संबंधी तकनीकी दिक्कतों का तत्काल समाधान तथा समितियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।