गौरीगंज (अमेठी)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में कुल 414 स्वास्थ्य कर्मी संविदा पर कार्यरत हैं। नवंबर माह का वेतन नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। दिसंबर माह के 15 दिन बीतने के बाद भी वेतन नहीं मिलने से उनके सामने दाल-रोटी के साथ ही घर चलाने का संकट आ खड़ा हुआ है।
एनएचएम के तहत जिले में कुल 414 स्वास्थ्य कर्मी कार्यरत हैं। ज्यादातर कर्मचारी बाहरी जिलों के रहने वाले हैं। तकरीबन लोग किराए पर कमरा लेकर ड्यूटी करते हैं। कईयों के परिवार साथ रहते हैं तो उन पर महीना भर घर चलाने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई लिखाई व दवाई आदि की भी जिम्मेदारी होती है। दिसंबर माह में 15 दिन बीतने के बावजूद इन कर्मियों को अब तक नवंबर माह का वेतन नहीं मिला है। भोजन सामग्री के साथ ही बच्चों की पढ़ाई लिखाई, अभिभावकों की जिम्मेदारी निभानी होती है।
एनएचएम के तहत सभी सीएचसी पर ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, ब्लॉक कम्यूनिटी मैनेजर, ब्लॉक अकाउंटेंट मैनेजर, एएनएम तथा स्टाफ नर्स की तैनाती होती है। इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयुष चिकित्सक, एमबीबीएस, स्टाफ नर्स, एएनएम तथा पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा एलटी व एलए के पद होते हैं। प्रभारी सीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि उनके पास वित्तीय अधिकार नहीं है। नए सीएमओ की तैनाती हो चुकी है। अभी उन्होंने जॉइन नहीं किया है। कहा कि नए सीएमओ के जॉइन करते ही सभी कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान हो जाएगा।
जिला मुख्यालय पर डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर के साथ ही, अमेठी व भेटुआ में 34-34, बाजार शुकुल में 27, भादर में 17, फुरसतगंज में 31, गौरीगंज में 43, जगदीशपुर में 41, जामो में 37, मुसाफिरखाना में 27, संग्रामपुर में 24, शाहगढ़ में 20, सिंहपुर में 39 तथा तिलोई में 31 एनएचएम के अफसर व कर्मियों की तैनाती है।