फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amethi News: अस्पताल 14, अल्ट्रासाउंड जांच होती है सिर्फ दो में

Mon, 15 Apr 2024 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी में अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए इंतजार करते मरीज। -संवाद
विज्ञापन
जगदीशपुर में अल्ट्रासाउंड मशीन है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं, एक्सरे जांच में टेक्नीशियन की कमी बनी बाधा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
अमेठी सिटी। आइए आपको स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत से वाकिफ कराते हैं। जिला मुख्यालय पर चल रहे जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी को छाेड़ दें तो अन्य 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था नहीं है। यही नहीं, जगदीशपुर सीएचसी पर मशीन तो है लेकिन, उसे चलाने के लिए कर्मी ही नहीं है। इसके कारण समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय गौरीगंज में मलिक मुहम्मद जायसी संयुक्त जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा है लेकिन, एक मात्र रेडियोलाॅजिस्ट होने के कारण मरीजों को आए दिन दिक्कत होती है। रेडियोलॉजिस्ट को जब कहीं अलग जाना पड़ता है तो उस दिन जांच बंद हो जाती है। ऐसे में मरीजों को वापस होना पड़ता है। इसके अतिरिक्त सिर्फ अमेठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा है।
विज्ञापन

अन्य सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा न होने से मरीजों को भटकना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती को होती है। जगदीशपुर सीएचसी पर ट्रामा सेंटर भी संचालित होताहै। यहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन तो है लेकिन, उसे चलाने के लिए कर्मी नहीं है। इसके कारण यहां मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वहीं, अगर एक्सरे जांच की बात करें तो विभाग का दावा है कि फुरसतगंज, भेटुआ, भादर, जामो व शाहगढ़ में एक्सरे मशीन पहुंच गई है, उसे इंस्टाल किया जाना है। अन्य सीएचसी पर एक्सरे जांच की सुविधा है। यह बात अलग है कि विभाग के सामने एक्सरे टेक्नीशियन की कमी है, इसके कारण डार्क रूम सहायक को प्रशिक्षित करने की बात कही जा रही है।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह का कहना है कि एक्सरे जांच अतिशीघ्र सभी अस्पतालों में शुरू हो जाएगी। अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं। कर्मियों की कमी से शासन को अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन


मरीजों को होती है दिक्कत
अल्ट्रासाउंड जांच को लेकर मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकारी अस्पतालों में निशुल्क में मिलने वाली सुविधा के लिए निजी केंद्रों पर 600 रुपये खर्च करना पड़ता है। इससे काफी समस्या आ रही है। यही नहीं, पूर्व डीएम राकेश कुमार मिश्र के कार्यकाल में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी की गई थी। उस वक्त 25 केंद्रों को बंद कराया गया था। इसको लेकर दो मामले न्यायालय में चल रहे हैं। इस पर सीएमओ से जवाब मांगा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें