अमेठी। लॉकडाउन के दौरान मनरेगा के तहत निर्धनतम परिवार को रोजगार देकर उनकी आर्थिक परेशानी दूर की जाएगी। कवायद सफल हो सके इसके लिए प्रमुख सचिव ने जिला प्रशासन से प्रत्येक ग्राम पंचायत के दस निर्धनतम परिवारों की सूची 20 अप्रैल तक तलब की है। सचिव का पत्र मिलने के बाद उपायुक्त मनरेगा ने बीडीओ को रोजगार सेवक की मदद से निर्धारित प्रारूप पर सूचना संकलित कर कार्यालय में देने का निर्देश दिया है।
कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए तीन मई तक घोषित लॉकडाउन के दौरान लोगों की आर्थिक परेशानी दूर करने की कोशिश में जुटी प्रदेश सरकार ने पहले चरण में महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत के दस निर्धनतम परिवार को आच्छादित करने की योजना बनाई है। कवायद सफल हो सके, इसके लिए प्रमुख सचिव ने 20 अप्रैल तक प्रत्येक ग्राम पंचायत के दस निर्धनतम परिवारों की सूची तलब की है।
प्रमुख सचिव का पत्र मिलने के बाद उपायुक्त मनरेगा मीनाक्षी ने सभी बीडीओ को रोजगार सेवक के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों से निर्धनतम परिवार (नाम, पिता का नाम, विवाहित/अविवाहित, मोबाइल नंबर, वार्षिक आय, श्रेणी विधवा, दिव्यांग, अनुसूचित जाति/जनजाति, जॉब कार्ड की उपलब्धता) समेत रिपोर्ट ई-मेल के माध्यम से प्रेषित करते हुए हार्डकॉपी कार्यालय में जमा करने को कहा है। उपायुक्त मनरेगा ने वांछित सूचना समय सीमा में नहीं मिलने पर रोजगार सेवक के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।