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श्रमिक डेढ़ लाख, रजिस्ट्रेशन मात्र 26 हजार का

Mon, 01 Feb 2016 10:51 PM IST
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
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श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन के लिए लंबे समय से कोई अभियान भी नहीं चलाया गया। उधर जिन श्रमिकों ने रजिस्ट्रेशन करा रखा है उन्हें भी योजनाओं की जानकारी नही हैं। नतीजतन उन्हें समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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श्रमिकों के उत्थान के लिए शासनस्तर से कई योजनाओं का संचालन तो किया जा रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते उनका लाभ श्रमिकों को नहीं मिल पा रहा है। श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन को लेकर लंबे समय से किसी प्रकार का अभियान भी जिले में नहीं चलाया गया।

श्रमिकों के लिए चलाई जा रहीं योजनाओं का प्रचार प्रसार भी नहीं किया जाता। श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन  को लेकर विभागीय अधिकारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में डेढ़ लाख से अधिक श्रमिक हैं, लेकिन उनमें से मात्र 26 हजार श्रमिकों का ही श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन हो सका है।
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जिन श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन  हुआ है, वे भी योजनाओं की अधिक जानकारी न होने से उनके लाभ से वंचित हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2015 में साइकिल सहायता योजना के तहत 500 श्रमिकों ने आवेदन किया था, लेकिन 180 को ही योजना का लाभ मिला।

इसके अलावा मेधावी प्रोत्साहन योजना के तहत 140 आवेदकों के सापेक्ष 75, जबकि मातृत्व हित लाभ योजना के तहत 12 पात्रों को योजना का लाभ मिला। शिशुहित योजना के तहत 14 पात्रों को लाभ मिला। इसके तहत लड़की पैदा होने पर 12 हजार रुपये व लड़का पैदा होने पर 10 हजार रुपये प्रति वर्ष का लाभ प्रारंभ के दो वर्ष तक दिया जाता है।

बालिका मदद योजना के तहत 25 आवेदकों के सापेक्ष मात्र 5 को, जबकि दुर्घटना सहायता योजना के तहत 1 पात्र को 5 लाख रुपये की सहायता मिली। मृत्यु एवं अंत्येष्टि सहायता योजना के तहत 38 के सापेक्ष मात्र 20 को योजना का लाभ मिला। इसके तहत प्रत्येक पात्र को एक लाख 15 हजार रुपये दिए जाते हैं।
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