परीक्षा को सकुशल निपटाने के लिए 54 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है, जबकि नकलविहीन परीक्षा के लिए 5 सचलदल टीमों का गठन जिलास्तरीय अधिकारियों के नेतृत्व में किया गया है।परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए एक दिन पूर्व ही संबंधित परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गईं।
मंगलवार 2 फरवरी को होने वाली टीईटी परीक्षा को सकुशल निपटाने के लिए बीते कुछ दिनों से संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही थीं, जिसे एक दिन पहले सोमवार को ही पूर्ण कर ली गईं। डीआईओएस डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि जिला मुख्यालय सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा दो पालियों में होंगी। पहली पाली में परीक्षा 10 बजे से 12.30 तक, जबकि दूसरी पाली में परीक्षा दोपहर बाद 2.30 बजे से सायं 5 बजे तक होगी। दोनों पालियों में कुल 16 हजार 902 परीक्षार्थी भाग लेंगे। इसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय के 12 हजार 970 परीक्षार्थी, जबकि प्राथमिक विद्यालय के 3 हजार 932 परीक्षार्थी भाग लेंगे।
बताया कि परीक्षा को सकुशल निपटाने के लिए कुल 54 पर्यवेक्षक की तैनाती की गई है। यह लोग परीक्षा केंद्रों पर मौजूद रहकर परीक्षा पर नजदीकी नजर रखेंगे। इसके अलावा नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए पांच सचल दल टीम का गठन किया गया है।
इसमें समाज कल्याण अधिकारी कन्हैयालाल गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह, बीएसए राजबहादुर मौर्य, परियोजना निदेशक डीआरडीए उमाकांत त्रिपाठी व जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल सिंह के नेतृत्व में टीम लगातार परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर जायजा लेगी।
डीआईओएस श्री वर्मा ने बताया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। किसी को भी डिजिटल घड़ी या फिर मोबाइल परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी परीक्षार्थी के पास से मोबाइल या घड़ी के अलावा अन्य नकल सामग्री मिलती है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि परीक्षा को सकुशल निपटाने के लिए एक दिन पूर्व ही सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए न सिर्फ अस्थाई शौचालय का निर्माण कराया गया है, बल्कि परीक्षा कक्ष में प्रकाश की भी समुचित व्यवस्था की गई है।