कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन करते अटेवा के पदाधिकारी व कर्मचारी।
अंबेडकरनगर। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट के निकट शिक्षकों और कर्मचारियों ने एनपीएस और यूपीएस के विरोध में काली पट्टी बांध कर काम किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा।
मंडल अध्यक्ष संदीप पटेल ने कहा कि देश में पैसे की कोई कमी नहीं है। कमी होती तो माननीयों का एक साथ विभिन्न भत्तों सहित 24 प्रतिशत वेतन न बढ़ जाता। उद्योगपतियों का कर्ज न माफ होता। जिला संयोजक राम बली त्रिशरण ने कहा यूपीएस में कर्मचारियों के जीवन भर की गाढ़ी कमाई का 10 प्रतिशत सरकार जब्त कर लेगी। जिला महामंत्री धर्मेंद्र यादव ने बताया कि एक बार यूपीएस चुन लिया तो फिर कभी दूसरी योजना में नहीं जा सकते। वहीं यूपीएस में विभिन्न प्रकार की शर्तें भी लागू हैं।
जिला कोषाध्यक्ष अनुज वर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाल न करना कर्मचारियों का अपमान है। न्याय विभाग के अमृत लाल ने कहा कि पूरा जीवन सरकार की सेवा के बदले में सरकार वृद्धावस्था में बेसहारा और लाचार छोड़ देना चाहती है। बसखारी ब्लॉक संयोजक आशुतोष वर्मा और जहांगीरगंज संयोजक शिवाकांत सिंह ने बताया कि जिस प्रकार सरकार ने पुरानी पेंशन का निजीकरण करके सरकारी कर्मचारियों को एनपीएस का झुनझुना पकड़ा रही है। उसी प्रकार सरकारी नौकरियों का भी निजीकरण हो रहा है जो आने वाले समय में देश के लिए घातक साबित होगा। जिला महामंत्री लैब टेक्नीशियन संघ विपिन वर्मा ने कहा कि शेयर मार्केट में कर्मचारियों का रुपया जबरन लगाया जा रहा है। नलकूप विभाग के बोरिंग टेक्नीशियन जिलाध्यक्ष अखिलेश पाल ने कहा कि एक ही देश में कुछ लोगों को पुरानी कुछ को नयी पेंशन देना भेदभाव है। रवि श्याम पटेल जिलाध्यक्ष फार्माासिस्ट संघ, महामंत्री मनोज यादव ने कहा कि एनपीएस को समझने में 20 वर्ष लग गए तो यूपीएस का क्या हाल होगा। रेलवे मेंटेनर राम बदन ने कहा कि यदि सरकार एनपीएस और यूपीएस का विकल्प दे रही है तो एक विकल्प ओपीएस का भी दे दें। इस दौरान विभिन्न विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे।