अंबेडकरनगर। जिले के कई ब्लॉकों में बीआरसी की ओर से नारी शिक्षा चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिला शिक्षा पर जोर देते हुए कहा गया कि महिलाओं की शैक्षिक दशा बेहतर होने पर ही समाज का भला हो सकता है। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को सशक्त होकर समाज के सामने आना होगा। शिक्षा के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी सकारात्मक ढंग से प्रगति करने की जरूरत है।
अकबरपुर बीआरसी की ओर से नगर के एक होटल में गुरुवार को आयोजित नारी शिक्षा चौपाल की मुख्य अतिथि अकबरपुर नगर परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता रहीं। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा में महिला शिक्षकों के चलते स्थिति काफी सुधर रही है। किसी भी क्षेत्र में महिलाओं को पूरी जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना है। महिला शिक्षकों पर जिम्मेदारी ज्यादा है। उन्हें बच्चों को निखार कर आगे ले जाने की जिम्मेदारी लगातार बेहतर ढंग से निभाते रहना है। आयोजक व खंड शिक्षाधिकारी आंचल सिंह ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा को बेहतर करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। शिक्षिका डॉ. निधि त्रिपाठी ने महिला सशक्तीकरण पर विस्तार से प्रकाश डाला।
महानिदेशक प्रतिनिधि डॉ. विजय चन्द्र मिश्र ने कहा कि महिलाओं व पुरुषों को समान गति से आगे बढ़ना है। आयोजक मंडल के वरिष्ठ सदस्य डीपी सिंह ने ब्लाक में चल रही विभिन्न गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मौके पर जूनियर शिक्षक संघ के अध्यक्ष राघवेंद्र शुक्ल, मोहम्मद हसन समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे।
बसखारी में मुख्य अतिथि बेसिक लेखाधिकारी विक्रम प्रताप सिंह ने सरकार द्वारा महिलाओं की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। कहा कि किसी भी समाज की बेहतरी के लिए जरूरी है कि नारियों को शिक्षित, जागरूक व स्वावलंबी बनाया जाए। समाज के लोगों को महिलाओं, बेटियों के हक व सम्मान के लिए गंभीरता से आगे आने की जरूरत है।
विशिष्ट अतिथि बालिका शिक्षा जिला समन्वयक सत्यप्रकाश मौर्य ने बालिकाओं की बेहतरी पर विस्तार से प्रकाश डाला। जूनियर कक्षा की छात्राओं ने मंचन किया। महिलाओं ने मिशन शक्ति व नारी स्वावलंबन का स्टॉल लगाकर लोगों को जागरूक करने का काम किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एबीएसए रामचन्द्र मौर्य ने की, संचालन एआरपी दीपक चतुर्वेदी ने किया। कार्यक्रम में शिक्षिका अंजू शर्मा, संगीता यादव, नीलम वर्मा, श्रद्धा तिवारी, सविता यादव, शकुंतला मिश्रा, प्रमोद चौधरी व डॉ. फारुख आदि मौजूद रहे।