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कृषि कानून वापस न लेने तक करेंगे आंदोलन

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अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट राष्ट्रीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करते पदाध? - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। राष्ट्रीय किसान मोर्चा की बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट के पास हुई, जिसमें कृषि कानून को लेकर आवाज बुलंद की गई। इस दौरान कहा गया कि नए कृषि कानून किसानों के हित में कतई नहीं हैं। सरकार पर किसानों की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि सरकार चाहे जितना जुल्म कर ले, लेकिन किसान अपने कदम पीछे हटाने वाले नहीं हैं। कहा कि कृषि कानून को जल्द वापस लिया जाए। जब तक कृषि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे, तब तक तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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गाजीपुर बॉर्डर पर 53 दिन आंदोलन में शामिल होने के बाद गुरुवार को जनपद मुख्यालय पहुंचे संगठन के अध्यक्ष रामसुरेश वर्मा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कृषि कानून लाकर सरकार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इससे किसान पूरी तरह पूंजीपतियों का गुलाम हो जाएगा। मेहनत मजदूरी कर किसान उपज पैदा करेगा और उसका दाम पूूंजीपति निर्धारित करेंगे। ऐसा कतई होने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है। ऐसे में यदि किसान ही खुशहाल नहीं होगा, तो देश का विकास कैसे संभव हो सकेगा। कहा कि बॉर्डर पर लाखों की संख्या में किसान ठंड के बावजूद अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी आवाज को दबाने के लिए सरकार बल प्रयोग कर रही है। सरकार चाहे जितना जुल्म कर ले, लेकिन किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं।
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उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों व सदस्यों से आह्वान करते हुए कहा कि आंदोलन को और मजबूती प्रदान करने के लिए जिले से भी बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित कराएं। इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष के जनपद सीमा में पहुंचने पर जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। कहा गया कि वे संघर्ष करते रहें, जिले के किसान उनके साथ हैं। इस मौके पर लालमणि पटेल, सूर्यभान पटेल, अली हसन, जितेंद्र, जयप्रकाश, डॉ. आत्माराम आदि मौजूद रहे।
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