फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौसम ने ली करवट, बारिश के साथ पड़े ओले

Thu, 21 Feb 2019 10:18 PM IST
रवि प्रकाश अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
विज्ञापन
झामाझम बारिश - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। तेजी से गर्म होते वातावरण के बीच गुरुवार अपराह्न मौसम ने अचानक करवट बदला। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कहीं तेज, तो कहीं हल्की बारिश के साथ ही ओले गिरे। अचानक बदले मौसम के मिजाज से जहां एक तरफ बाजारों में भीड़भाड़ कम हो गई, वहीं किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उत्पन्न हो गईं। उनका कहना था कि ओला गिरने से फूल वाली फसलों को व्यापक नुकसान हुआ। फूलों के झड़ने से उसकी उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पडने की संभावना है। उधर बारिश व ओला गिरने से जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। जिला मुख्यालय पर देर शाम गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। इससे लोगों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 
विज्ञापन


लगातार निकल रही तेज धूप से दिन के साथ साथ रात के तापमान में धीरे धीरे वृद्धि शुरू हो गई थी। मौसम के सामान्य हो रहे मौसम ने किसानों को भी राहत दी। उन्हें लगा कि सामान्य हो चले मौसम से दलहनी व तिलहनी फसल की अच्छी उपज होगी। इस बीच गुरुवार अपराह्न अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान काले बादल से ढक गया। देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। जिले के कुछ क्षेत्रों में तेज, तो कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। बारिश के साथ ही ओले भी गिरे। बारिश के साथ गिरे ओले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। दरअसल ओला गिरने से फूल वाली फसलों के फूल झड़ गए। इससे उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। 

अकबरपुर के किसान जियाराम पटेल व प्रदीप वर्मा ने कहा कि बारिश से तो फसल को नुकसान नहीं है, लेकिन ओले ने प्रतिकूल प्रभाव डाला है। इससे फूल झड़ गए। बेहतर उपज की उम्मीद थी, लेकिन ओला ने उनकी उम्मीद को तगड़ा झटका दिया है। टांडा के संदीप शर्मा व भीटी के जगन्नाथ तिवारी ने कहा कि फरवरी माह में मौसम का मिजाज इस प्रकार का होगा, उन्होंने इसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी। इस बार कुछ अधिक ही ओले गिरे। इसका सीधा प्रभाव उपज पर पड़ रहा है। 
विज्ञापन


बेपटरी हुई आपूर्ति
बारिश व ओलावृष्ट से जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। जिला मुख्यालय समेत ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। कहीं जर्जर तार टूटकर गिर पड़े, तो कहीं ट्रांसफार्मर फुंक गए। जिला मुख्यालय पर तो गड़बड़ी दूर कर देर शाम आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में गड़बड़ी नहीं दूर की जा सकी। इससे संबंधित क्षेत्र के लगभग डेढ़ लाख की आबादी को अंधेरे में ही रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा। उपभोक्ता रामबचन, शशिकांत व अनुराग ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला नहीं जाता, तब तक उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली नहीं मिल सकती। पावर कॉरपोरेशन को इसे लेकर गंभीरता दिखानी चाहिए।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें