अंबेडकरनगर/जलालपुर। शिक्षा क्षेत्र भियांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय मुंडेहरा के पास जलभराव की समस्या से छात्रों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। बदलते माैसम के साथ स्कूल के बगल स्थित खाली भूमि में पानी भर जाने से न सिर्फ डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है, बल्कि जहरीले जीव-जंतु भी स्कूल परिसर में पहुंच जाते हैं।
विद्यालय प्रशासन और ग्रामीणों ने कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।विद्यालय के बच्चों के खेलने के लिए यही एकमात्र मैदान है, लेकिन पिछले कई महीनों से वह पानी और जंगली घास से भर गया है। बच्चों को न तो खेलकूद की सुविधा मिल रही है, न ही शारीरिक गतिविधियों का मौका। प्रधानाध्यापक कृपा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि बरसात के दौरान जलभराव इतना अधिक हो जाता है कि कई बार कक्षाओं तक पानी पहुंच जाता है। लगातार जलभराव के कारण विद्यालय की बाउंड्रीवॉल गिर चुकी है और मुख्य मार्ग की इंटरलॉकिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई है। विद्यालय में कुल 123 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनकी सुरक्षा प्रशासनिक लापरवाही के कारण खतरे में है।
मैदान बन गया जलकुंड
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या तब से उत्पन्न हुई जब पीडब्ल्यूडी विभाग ने स्कूल के बगल की सड़क से मिट्टी निकालकर वहीं छोड़ दी। मिट्टी न हटाए जाने के कारण बरसात का पानी वहीं जमा हो जाता है, जिससे पूरा क्षेत्र कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो गया है।
बच्चों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
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मेरी पुत्री वैष्णवी कक्षा छह में पढ़ती है। विद्यालय के पास जमा पानी में मच्छर पनप रहे हैं, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
- सोनू मौर्य, स्थानीय निवासी
स्थाई समाधान की मांग
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मेरा पुत्र प्रिंस कुमार इसी स्कूल में कक्षा छह में पढ़ता है। अधिकारियों को संज्ञान लेकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।
- पप्पू शर्मा, स्थानीय निवासी
बीडीओ को स्थिति से अवगत कराया
समस्या के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। बीडीओ को भी स्थिति से अवगत कराया गया है।
- विवेक द्विवेदी, खंड शिक्षा अधिकारी, भियांव