टांडा क्षेत्र में स्थित थिरुआ नाले में कम हुआ पानी।संवाद
राजेसुल्तानपुर/विद्युतनगर। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को 24 सेंटीमीटर घटने से बाढ़ प्रभावित इलाकों के किसानों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। खेतों में जमा पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है। शनिवार को नदी का जलस्तर 85.61 मीटर से घटकर 85.37 मीटर पहुंच गया। नदी अब खतरे के निशान से 19 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
जलस्तर घटने के साथ बंधे के किनारे और गांवों के आसपास जमा पानी भी कम होने लगा है। पानी उतरने के बाद जगह-जगह खरपतवार सड़ने से दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियों का खतरा सता रहा है। सतिराम, विजय और राजेश ने स्वास्थ्य विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में दवा का छिड़काव कराने की मांग की है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि जलस्तर लगातार घट रहा है। जरूरत वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कराया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग कैंप भी लगाएगा।
उधर, विद्युतनगर क्षेत्र में जलस्तर कम होने के बावजूद कटान का खतरा बरकरार है। उल्टहवा माझा, अवसानपुर, केवटला, डुहियां, महरीपुर माझा कला, माझा चिंतौरा, नैपुरा, सलोनाघाट और ढेलमऊ समेत कई गांवों में ग्रामीण नदी की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। खेतों में पहुंचा पानी और डूबी ठोकर भी चिंता का कारण बनी हुई है। बाढ़ खंड के जेई संजय ने बताया कि नदी का पानी लगातार घट रहा है और जल्द स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।