राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ के कारण आलापुर तहसील क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों के ग्रामीण नाव से आवागमन करने को मजबूर हैं। दरअसल माझा कम्हरिया व आराजी देवारा ग्राम पंचायत के दर्जनभर गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। हंसू का पुरवा व प्रसाद कुर्मी का पुरवा मजरों के करीब दो दर्जन घरों में पानी घुस गया है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। बाढ़ के चलते तहसील क्षेत्र के कठमोरवा, सराय हंकार, बंगालपुर जैती, चाड़ीपुर, बिड़हर व चहोड़ा क्षेत्र में भी लगभग 300 बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है। इससे नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
नेपाल के बैराजों से पानी छोड़े जाने व पहाड़ी क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि के चलते बीते दिनों सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे आलापुर तहसील के माझा क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। माझा कम्हरिया के पटपरवा, सिद्धनाथ का पूरा, सत्यनरायण का पूरा, बद्री का पूरा, निषाद बस्ती, दलित बस्ती जहां पानी से चारों तरफ से घिर गए हैं। वहीं आराजी देवारा के हंसू का पुरवा, प्रसाद कुर्मी का पुरवा गांवों के दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है। कुल मिलाकर दो ग्राम पंचायतों के लगभग दर्जनभर गांव बाढ़ के पानी की चपेट में हैं। इन गांवों के ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। नतीजा यह है कि लगभग छह हजार आबादी की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। उधर, तहसील क्षेत्र के सराय हंकार, कठमोरवा, कम्हरिया, चांडीपुर, जैती, कबूलपुर, बंगालपुर, किन्नूपुर, केवटली, बिड़हर व चहोड़ा सहित अन्य गांवों के लोगों की लगभग 300 बीघा धान की फसल डूब गई है। इससे किसान परेशान हैं।
क्षेत्र के ग्रामीण रामअचल, सीताराम, विजय, रामाश्रय, चंद्रिका प्रसाद, वीरेंद्र कुमार आदि ने बताया कि यह मंजर बहुत दिन बाद देखने को मिल रहा है। इतना नुकसान तो बरसात के समय बाढ़ के पानी से नहीं हुआ था, जितना इस समय नदी का जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ से फसलों को नुकसान हुआ है। नौजवान भारत सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मित्रसेन ने कहा कि प्रशासन की ओर से बाढ़ राहत के नाम पर कोई सहायता नहीं दी जा रही है। इससे ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नौजवान भारत सभा के सदस्यों ने कहा कि यदि जल्द ही मदद नहीं मुहैया करायी गई तो बंधे पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों को दी जा रहीं सुविधाएं
बाढ़ को लेकर हालात पर नजर है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों को जो भी सुविधाएं जरूरत हैं, वह समय रहते मुहैया कराई जा रही हैं।
- अशोक कनौजिया, एडीएम