जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ने से कम पड़े बेड। -संवाद
जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने से हुई मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। बदलते मौसम के बीच जिला अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं। दो सौ बेड के सापेेक्ष यहां 206 मरीज शुक्रवार को भर्ती रहे। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मरीजों को भर्ती किया गया। इससे शुक्रवार को इमरजेंसी के एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती किया गया। इसमें एक बालक शामिल था। मीडिया के पहुंचने पर दूसरे मरीज को हटाकर वार्ड में शिफ्ट किया गया।
जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। बदलते मौसम के चलते संचारी रोग तेजी से पांव पसार रहा है। ऐसे में बुखार व अन्य लोग से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। बीते लगभग एक सप्ताह से जिला अस्पताल में औसतन 250 बुखार पीड़ितों की ओपीडी हो रही है। सामान्य दिनों में बुखार से पीडितों की औसतन 50 मरीजों की ओपीडी होती आई है।
इन सबके बीच शुक्रवार को जिला अस्पताल में लगभग साढ़े 1300 मरीजों की ओपीडी हुई। इसमें लगभग तीन सौ बुखार से पीड़ित मरीज शामिल रहे। अचानक मरीजों की संख्या बढ़ जाने से दो सौ बेड वाला जिला अस्पताल पूरी तरह से फुल हो गया। कुल 206 मरीजों को यहां भर्ती किया गया है। इसके लिए वैकल्पिक प्रबंध किए गए। भर्ती वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से जिला अस्पताल में तीमारदारों के बीच आपाधापी की स्थिति है।
आननफानन बदला गया बेड शुक्रवार को मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई कि इमरजेंसी के 18 नंबर बेड पर दो मरीजों को भर्ती करना पड़ा। मीडिया की टीम पहुंची तो बेड पर भर्ती किए गए एक मरीज को हटाया गया। हुआ यह कि चोट लगने के चलते रामपट्टी निवासी मनीराम को इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। इसी बीच प्रतापपुर चमुर्खा निवासी दिलीप कुमार के पीलिया से पीड़ित 12 वर्षीय पुत्र विनायक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उसे भी मनीराम के बेड पर लिटा दिया गया। बाद में मनीराम को वार्ड नंबर एक में शिफ्ट कर दिया गया।
बेहतर ढंग से हो रहा इलाज
मरीजों की संख्या जरूर बढ़ी है लेकिन जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। मरीजों को कोई असुविधा नहीं होने दी जा रही है। -डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस