अंबेडकरनगर। दो अपात्रों को प्रधानमंत्री आवासीय ग्रामीण योजना का लाभ दिलाने के मामले में डीपीआरओ ने टांडा विकास खंड में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी को टांडा ब्लॉक मुख्यालय से संबद्ध करते हुए पूरे मामले की जांच सहायक विकास अधिकारी अकबरपुर को सौंप दी गई है।
गौरतलब है कि टांडा विकास खंड में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी विनय कुमार वर्मा पर पर बीते दिनों अशरफपुर व शादीपुर गांव के कुछ लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवासीय ग्रामीण योजना का लाभ दे दिया जिन्हें पहले ही इंदिरा आवास योजना का लाभ मिल चुका है। इस संबंध में ग्रामीणों ने परियोजना निदेशक डीआरडीए को शिकायती पत्र सौंपा था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी टांडा को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। गत दिवस खंड विकास अधिकारी ने परियोजना निदेशक को जो रिपोर्ट सौंपी, उसमें पाया गया कि अशरफपुर व शादीपुर गांव के एक-एक लाभार्थी ऐसे हैं जो अपात्र हैं। कारण यह कि उन्हें पहले ही इंदिरा आवास योजना का लाभ मिल चुका है।
इस पर परियोजना निदेशक ने जरूरी कार्रवाई के लिए डीपीआरओ कार्यालय को पत्र भेजा। इसे गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ दुर्गाप्रसाद तिवारी ने बुधवार को तत्काल प्रभाव से ग्राम पंचायत अधिकारी विनय वर्मा को निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें खंड विकास अधिकारी कार्यालय टांडा से संबद्ध करते हुए पूरे मामले की जांच सहायक विकास अधिकारी अकबरपुर को सौंप दी।