कटेहरी। विकास कार्यों के नाम पर अवैध धन उगाही का मामला सामने आया है। पैसे के लेनदेन का वीडियो वायरल होने के बाद बुधवार को ग्राम पंचायत अधिकारी व सफाई कर्मी को डीपीआरओ ने निलंबित कर दिया। इसके साथ ही इन दोनों को भीटी ब्लॉक मुख्यालय से संबद्ध करते हुए कहा गया कि बिना अनुमति कतई मुख्यालय न छोड़ें। पूरे प्रकरण की जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत भियांव को दी गई है।
एक तरफ राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जीरो टालरेंस की नीति पर काम करने को लेकर जोर दे रही है तो दूसरी तरफ तमाम अधिकारी व कर्मचारी सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। बिना सुविधा शुल्क लिए कर्मचारियों की पेन आज भी आगे नहीं बढ़ पा रही है। कुछ ऐसा ही मामला कटेहरी विकास खंड का सामने आया है। कटेहरी ब्लॉक की खेंवार ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी रवींद्र वर्मा व सफाई कर्मी लालता प्रसाद का एक वीडियो सामने आया है।
वीडियो में एक व्यक्ति ग्राम पंचायत अधिकारी को एक कमरे में किसी काम के लिए कुछ रुपये दे रहा है। ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा रकम को काफी कम बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि रकम कम है। मेरे पास पैसा लेकर आया करो और काम लेकर जाओ। पैसा दे रहा व्यक्ति ग्राम पंचायत अधिकारी से मिन्नत भी करता है।
घूस ले रहे ग्राम पंचायत अधिकारी को इस बात का भी खौफ दिखा कि कहीं उसकी इस करतूत को मोबाइल में रिकार्ड न लिया गया हो। वह कहता है कि कहीं मोबाइल में रिकार्डिंग तो नहीं कर रहे हो लेकिन पीड़ित चतुराई से जवाब देता है कि नहीं साहब। इसी वीडियो में सफाई कर्मी भी बातचीत करता दिखा है। यह वीडियो वायरल होने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी शेषदेव पांडेय ने घूस लेने के आरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी रवींद्र वर्मा व सफाई कर्मी लालता प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
कहा कि यदि कोई भी इस तरह की मनमानी करेगा तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत भियांव को सौंपी गई है। उनसे कहा गया है कि सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच सुनिश्चित की जाए।