अंबेडकरनगर। प्रगतिशील लेखक संघ के तत्वावधान में उर्दू डे की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को हंसवर स्थित चौक पर एक साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राशिद अनवर ने की, जबकि संचालन अव्वल परवाना ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सितारे उर्दू अवार्ड से सम्मानित मोहम्मद असलम खान ने कहा कि उर्दू मोहब्बत की जुबान है, जिसमें गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी झलक दिखाई देती है। उर्दू की मिठास ने समाज में आपसी रिश्तों की डोर को मजबूत किया है।
अध्यक्ष राशिद अनवर ने कहा कि उर्दू भाषा ने देश की आजादी में अहम योगदान दिया है। यह केवल एक भाषा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। आर्य हरीश कोशलपुरी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भाषाएं दिलों को जोड़ती हैं, और उर्दू अपने अदब व शायरी के जरिए प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है। कार्यक्रम में इकरामुल हक भूलेपुरी, मुकद्दर किछौछवी, राम चरन, रूमी भूलेपुरी, अव्वल परवाना, हकीम असलम भुसावली, राशिद अनवर राशिद और आर्य हरीश कोशलपुरी सहित अन्य प्रसिद्ध शायरों और कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।