सीएचसी टांडा में अल्ट्रासाउंड कक्ष में लगा ताला।
विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। टांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अल्ट्रासाउंड सुविधा पिछले एक वर्ष से ठप है। नई मशीन मिलने के बावजूद जांच शुरू नहीं हो पाई है। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से मरीजों को निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है और 700 से 800 रुपये तक अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
सीएचसी टांडा में पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने के बाद विभाग ने नई मशीन भेज दी थी। करीब छह माह पहले आई यह मशीन अब तक कमरे में बंद पड़ी धूल फांक रही है। जिले की सबसे बड़ी सीएचसी होने के नाते यहां रोजाना 400 से 500 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से प्रतिदिन करीब 20 से 30 मरीजों को चिकित्सक अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लिखते हैं। पहले यहां तैनात डॉ. अजय कुमार जांच करते थे, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद मशीन संचालन ठप है। फिलहाल मशीन का पंजीकरण डॉ. रंजीत पटेल के नाम पर किया गया है। उनका कहना है कि संचालन शुरू होने में लगभग एक सप्ताह का समय और लगेगा।
बिना जांच लौटी मरीज
क्षेत्र के सकरावल निवासी आयशा सिद्दिकी ने बताया कि उनके पेट में पथरी की समस्या है। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच के लिए कहा, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला बंद मिला। मजबूरन उन्हें निजी सेंटर में जांच करानी पड़ी।
ताले में बंद सुविधा
टांडा नगरपालिका निवासी शोभित नाग ने बताया कि उन्हें पेट दर्द की शिकायत थी। तीन दिन पहले डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी थी, लेकिन हर बार जांच कक्ष में ताला बंद मिला। बताया गया कि टेक्नीशियन न होने से जांच नहीं हो पा रही है।
टेक्नीशियन की कमी से जांच ठप
टांडा सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन लग चुकी है। टेक्नीशियन की कमी के कारण जांचें नहीं हो पा रही हैं। एक सप्ताह के भीतर सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
-डॉ. संजय कुमार शैवाल, सीएमओ