विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टांडा पर करीब ढाई लाख लोगों को स्वस्थ रखने का जिम्मा है। बुनकरी के साथ बड़ी संख्या में उद्योग होने के कारण सीएचसी पर लोड अधिक रहता है। बावजूद इसके, यहां के वाशिंदों को पिछले छह माह से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मशीन आने के बाद से यह धूल ही फांक रही है। इसके पीछे पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत पंजीकरण न हो पाने को मुख्य वजह बताया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टांडा में प्रतिदिन 150 से 200 मरीज ओेपीडी में इलाज कराने के लिए आते हैं। इनमें गर्भवतियों की संख्या भी काफी रहती है। करीब आठ माह पहले सीएचसी में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन खराब हो गई थी। इसके बाद से यहां आने वाले मरीजों का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नई अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने करीब छह माह पूर्व नई अल्ट्रासाउंड मशीन सीएचसी पर भेज दी थी। इसे अल्ट्रासाउंड कक्ष में स्थापित तो कर दिया गया था, लेकिन अब तक इसे मरीजों के लिए शुरू नहीं कराया जा सका है। जांच के बजाय मशीन धूल फांक रही है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जांच करानी पड़ रही है, जहां उन्हें 700 से 800 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजाें को जिला अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
क्या कहते हैं मरीज
सकरावल मोहल्ले की रुखसाना का कहना है कि उन्हें पथरी की समस्या है। डॉक्टर ने चेकअप कर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा है। सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड न होने के कारण निजी केंद्र पर जांच कराई है, जिसमें 800 रुपये खर्च हुए। खासपुर निवासी मालती देवी ने बताया कि उन्हें लंबे समय से पेट दर्द की शिकायत होने से डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा है। अब या तो निजी केंद्र पर जांच कराएं या जिला मुख्यालय पर जाना पड़ेगा।
जल्द शुरू होगी जांच
अल्ट्रासाउंड मशीन को शुरू कराने के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत पंजीकरण कराया जाना है। जल्द ही इसकी प्रक्रिया पूरी कर सुविधा शुरू कराई जाएगी। -डॉ. अजय कुमार गुप्ता, अधीक्षक