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Ambedkar Nagar News: दो अस्पताल सील, तीन को नोटिस, कई भागे

Tue, 17 Feb 2026 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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 बसखारी में एक पैथोलॉजी की जांच कर बाहर निकलती टीम
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बसखारी। क्षेत्र में अवैध ढंग से संचालित निजी अस्पताल और पैथोलॉजी सेंटरों पर मंगलवार को सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस और प्रशासन की ओर से की गई संयुक्त कार्रवाई में दो डायग्नोस्टिक सेंटर व तीन अस्पतालों में जांच की गई।
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इस दौरान अनाधिकृत रूप से चल रहे एक अस्पताल और एक डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया गया है। साथ ही अन्य तीनों को नोटिस जारी किया गया है। देर शाम तक चली इस कार्रवाई से निजी स्वास्थ्य केंद्र संचालकों में अफरातफरी का माहौल बना रहा।
मंगलवार दोपहर एसडीएम टांडा डॉ. शशि शेखर, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय कुमार व थाना प्रभारी सुनील कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से बसखारी स्थित प्रांजल डायग्नोस्टिक सेंटर, न्यू आयुष्मान चाइल्ड केयर सेंटर, ग्लोबल हेल्थ केयर सेंटर और प्रकाश डायग्नोस्टिक के अलावा एक हड्डी अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को आयुष्मान चिल्ड्रेन केयर सेंटर व हड्डी अस्पताल अवैध रूप से संचालित मिला।
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इनमें न ही योग्य चिकित्सक मिले और न ही पंजीकरण, जिसके बाद इन दोनों को सील कर दिया गया। इसके अलावा एक अस्पताल और दो डायग्नोस्टिक सेंटरों के संचालकों को नोटिस देकर एक सप्ताह में दस्तावेज सीएमओ कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
g न पंजीकरण न चिकित्सक चल रहा था अस्पताल : मंगलवार को जांच टीम को दो ऐसे अस्पताल मिले जहां खुलेआम नियमों को दरकिनार अस्पतालों का संचालन किया जा रहा था। टीम ने जब आयुष्मान चिल्ड्रेन केयर सेंटर पहुंच कर वहां पंजीकरण और चिकित्सक की जानकारी ली तो यहां पर न कोई बच्चों का कोई चिकित्सक मिला और न ही इसका पंजीकरण मिला। इसके बाद जब टीम ने हंसवर मोड एक हड्डी अस्पताल को देखा तो यहां पर कोई चिकित्सक नहीं मिला एक युवक बैठा मिला।
टीम ने जब दस्तावेज मांगे तो वह कुछ भी नहीं दिखा सका, बताया कि सीएमओ कार्यालय में फाइल है। इसके बावजूद भी इसका संचालन हो रहा था। टीम ने अस्पताल को सील कर दिया है।
g छह फरवरी को नवजीवन हॉस्पिटल में हो चुकी है प्रसूता की मौत : बसखारी के आजमगढ़ रोड़ पर संचालित नवजीवन हॉस्पिटल में छह फरवरी को क्षेत्र की एक प्रसूता की प्रसव के बाद मौत हो गई थी। मामलों में जिन दो युवकों ने महिला का ऑपरेशन किया था, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सबसे दिलचस्प यह है कि इस अस्पताल का पंजीकरण नहीं था और न ही यहां पर कोई चिकित्सक था। इसके बावजूद भी इसका संचालन खुलेआम किया जा रहा था। इस घटना के बाद टीम ने ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई शुरु की है।
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