अंबेडकरनगर। पुलिस ने टीईटी सॉल्वर गैंग का खुलासा करने के बाद दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक प्रयागराज निवासी जनसेवा केंद्र संचालक है, जबकि एक अन्य आरोपी अंबेडकरनगर का रहने वाला है। वह सॉल्वर गैंग के सदस्यों को यहां बुलाता था। पुलिस ने इन दोनों के अलावा पहले पकड़े गए पांच में से चार आरोपियों को सोमवार को जेल भेज दिया। एक महिला अभ्यर्थी को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
रविवार को हुई टीईटी में पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली थी, जब उसने सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने रविवार को ही पांच परीक्षार्थियों को अलग-अलग केंद्र से गिरफ्तार कर लिया था। इसमें सॉल्वर गैंग के तीन सदस्य आजमगढ़ जनपद के पवई निवासी झिनकू प्रजापति, मोनिका राठौर निवासी बजरंग मोहल्ला थाना पौली मध्यप्रदेश हाल पता गोविंदापुर प्रयागराज व संदीप यादव निवासी बीबीपुर इटौली थाना मालीपुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा ब्लूटूथ लगाकर परीक्षा देने वाली आशियाना लखनऊ निवासी साधना मौर्या तथा दूसरी सीट पर बैठे एक अन्य परीक्षार्थी को पुलिस ने पकड़ लिया था।
इस बीच सोमवार को पुलिस ने सॉल्वर गैंग के दो नए सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। सॉल्वर गैंग का सरगना धीरज निवासी मुलईपुरा तेलियरगंज प्रयागराज के रूप में सामने आया। इसे अकबरपुर बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया। इसके पास से एक सीपीयू बरामद हुआ। यह जनसेवा केंद्र संचालक भी है। इसके अलावा मालीपुर निवासी संदीप यादव को भी पकड़ लिया गया। संदीप ने पूछताछ में बताया कि उसके द्वारा सॉल्वर गैंग के सदस्यों को बुलाने संबंधित परीक्षार्थियों से बात कराने का जिम्मा उठाया जाता था।
पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के साथ पूर्व में पकड़े गए झिनकू, साधना, मोनिका व अखिलेश को भी जेल भेज दिया। इस बीच खबर यह भी है कि पुलिस टीम को एक सिपाही द्वारा इन सॉल्वर गैंग के सदस्यों से बातचीत के कुछ सुराग हाथ लगे थे। पुलिस उस पर जांच कर रही है। हालांकि एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि किसी सिपाही को लेकर कोई जांच नहीं हो रही है। सॉल्वर गैंग के सभी 6 सदस्यों को जेल भेज दिया गया है।