ओवरलोड के चलते अक्सर ये ट्रांसफार्मर जवाब दे जाता है मगर उपभोक्ताओं की मांग के बावजूद विभाग ट्रांसफार्मर उच्चीकृत करने की जरूरत नहीं समझ रहा है।
कटेहरी बाजार की करीब आधी आबादी को डाकघर के पास लगे 100 केवी ट्रांसफार्मर से सप्लाई जाती है। ये ट्रांसफार्मर करीब 10 दिन पूर्व जल गया था। उपभोक्ताओं ने एक सप्ताह तक विभाग का चक्कर काटकर व हजारों खर्च कर किसी तरह ट्रांसफार्मर बदलवाया।
मगर शुक्रवार को बदला गया शनिवार रात आपूर्ति बहाल होते ही फिर जल गया। इससे कटेहरी बाजार व अवधी का पूरा के उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। दुकानदारों का धंधा भी प्रभावित हो रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने या फिर पर्याप्त क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की गई, लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। इससे इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
उपभोक्ता प्रमोद तिवारी, रामउदित वर्मा आदि का कहना है कि विद्युत विभाग की लापरवाही हद हो गई है। एक ही ट्रांसफार्मर से कनेक्शन खूब बांट दिए गए हैं। ऐसे में ये ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने के चलते फुंकता रहता है। एक बार ट्रांसफार्मर फुंकने पर उपभोक्ताओं को कम से कम तीन से चार हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
ट्रांसफार्मर लाने, ले जाने व लगाने की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होती है, लेकिन ये सब उपभोक्ताओं को करना पड़ता है। ट्रांसफार्मर फुंकने से करीब दो हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं ने पावर कॉरपोरेशन से उक्त ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग की है।
कहा कि यदि विभाग उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेगा तो वह सड़क पर उतरने को विवश होंगे। उधर, अधिशासी अभियंता मुकेश बाबू ने बताया कि ट्रांसफार्मर उपलब्धता के प्रयास चल रहे हैं, जल्द ही ट्रांसफार्मर बदल दिया जाएगा।