विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर हुए तबादलों का सीधा सीएचसी पीएचसी पर मिलने वाली इलाज की सुविधा पर भी दिखने लगा है। खाली पदों पर नयी तैनाती न होने से टांडा सीएचसी में तबादलों ने मरीजों का दर्द और बढ़ा दिया है। इस दौरान बरती गयी मनमानी के कारण इलाज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का सीधा खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। ओपीडी से लेकर भर्ती मरीजों तक को सामान्य व विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा का फायदा नहीं मिल पा रहा है।
टांडा नगर समेत आसपास के गांवों की बड़ी आबादी को सुचारु इलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए वर्षों पहले टांडा सीएचसी की स्थापना हुई थी। तबादले के बाद तैनात हुए चिकित्सकों द्वारा अपना पदभार न संभाले जाने के कारण टांडा सीएचसी को डॉक्टरों की कमी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
वर्तमान में सीएचसी पर एमबीबीएस चिकित्सक सामान्य के चार स्वीकृत पदों के इतर तीन पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। इसी तरह विशेषज्ञ के चार में से सिर्फ दो पदों पर ही चिकित्सकों की तैनाती है। ऐसे में ओपीडी आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा न मिल पाने से दूर दराज स्थित दूसरे अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ती है।
सीएचसी में तैनात अस्थि रोग विशेष डॉ. राजेश जायसवाल व एक्सरे टेक्नीशियन का स्थानांतरण एक सप्ताह पूर्व हो गया। इस पर अभी तक कोई तैनाती नहीं हुई है। महिलाओं को बेहतर इलाज सुविधा देने के लिए सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. शालू मिश्रा व डॉ. सरिता की तैनाती है। इनमें से डॉ. शालू को वर्तमान में जिला अस्पताल से संबद्ध कर दिया गया है। इस तरह ओपीडी से लेकर भर्ती मरीजों तक का सारा भार एक मात्र महिला चिकित्सक के कंधों पर है।
ठप पड़ गई एक्सरे जांच
इतना ही नहीं एनेस्थीसिस्ट व रेडियोलॉजिस्ट का पद भी बीते कई दिनों से खाली पड़ा है। इससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों को एक्सरे जांच न हो पाने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। एक्सरे टेक्नीशियन के स्थानांतरण के चलते करीब एक सप्ताह से सीएचसी पर एक्सरे जांच बंद पड़ी है। यहां लगी अल्ट्रासाउंड मशीन भी जांच के लिए माह में सिर्फ दो दिन ही संचालित होती है। इससे अल्ट्रा साउंड मशीन से होने वाली जांच का भी समुचित फायदा मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
सीएचसी में चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के कुछ पद रिक्त पड़े हैं। इसके बावजूद अस्पताल में उपलब्ध स्टाफ व अन्य संसाधनों के साथ आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का पूरा प्रयास किया जाता है। इलाज में परेशानी बन रही स्टाफ की कमी को दूर कराने के लिए आला अफसरों से पत्राचार भी किया जा रहा है।
डॉ. दिनेश वर्मा, सीएचसी प्रभारी