जलालपुर तहसील में शनिवार को नायब तहसीलदार उत्कर्ष सिंह को व्यापारियों संग ज्ञापन सौंपते जिला उद
जलालपुर। दो हजार रुपये से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के विरोध में व्यापारियों ने शनिवार को ज्ञापन सौंपा। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष आनंद जायसवाल और उपाध्यक्ष देवेश मिश्रा के नेतृत्व में व्यापारियों ने समाधान दिवस में जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार उत्कर्ष सिंह को दिया।
व्यापारियों ने बताया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 15 अक्तूबर 2026 से दो हजार रुपये से अधिक के पात्र मर्चेंट यानी व्यक्ति-से-व्यापारी (पी2एम) यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होना है। 75 हजार रुपये या इससे अधिक के लेनदेन पर शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपये निर्धारित की गई है।
व्यापारियों का कहना है कि किराना, थोक और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कारोबार में लाभ का मार्जिन पहले ही सीमित है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगने से कारोबार की लागत बढ़ेगी और छोटे व मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जिलाध्यक्ष आनंद जायसवाल ने कहा कि शुल्क से बचने के लिए व्यापारी बड़े भुगतान को कई छोटे लेनदेन में बांटने या नकद भुगतान की ओर जाने के लिए मजबूर हो सकते हैं। इससे यूपीआई के जरिए होने वाले डिजिटल भुगतान को भी प्रभावित होने की आशंका है।
व्यापारियों ने कहा कि यूपीआई ने कारोबार में भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाया है। इसलिए प्रस्तावित एमडीआर को वापस लिया जाना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में आदित्य गोयल, आकाश अग्रहरि, रेन्नू गुप्ता, राजकपूर, मनोज पांडेय, सप्रिय गोयल और सीताराम सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।