इस फटे नक्शे से नहीं हो पा रहा स्वामित्व योजना का कार्य।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
आलापुर। स्थानीय क्षेत्र में सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना स्पीडअप नहीं हो पा रही है। इसमें अड़ंगा बन रहा है तहसील में मौजूद आधा अधूरा फटा नक्शा। इसके चलते आलापुर तहसील प्रशासन से जुड़े अधिकारियों व लेखपालों को फटे खस्ताहाल नक्शे से ही काम चलाना पड़ रहा है। इससे भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण में काफी परेशानी आ रही है। दुरुस्त राजस्व नक्शा न होने से 191 ग्राम पंचायतों के 472 गांवों में लेखपालों को स्वामित्व योजना के त्रुटिरहित क्रियान्वयन में बाधा आ रही है। इसी कारण अभी तक तहसील के सिर्फ 65 गांवों में ही यह प्रक्रिया शुरू हो पायी है।
आबादी भूमि से जुड़े विवादों का निपटाने व कब्जेदारों को स्वामित्व देने के लिए सरकार ने विशेष पहल शुरू की है। इस योजना के तहत ड्रोन कैमरे के जरिए गांवों का फोटोग्राफ लिया जाता है। इसके बाद नक्शा आदि के माध्यम से कब्जेदारों को आबादी की भूमि पर स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। शासन के निर्देश पर पूरे जिले में यह कार्य चल रहा है। परन्तु आलापुर तहसील में स्वामित्व योजना का क्रियान्वयन तेजी से आगे नही बढ़ पा रहा है। इससे आम नागरिकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
रामनगर विकास खंड क्षेत्र में 102 व जहांगीरगंज 89 ग्राम पंचायतें आती हैं। आलापुर तहसील का नक्शा फटा होने के चलते इन ग्राम पंचायतों में स्वामित्व योजना का क्रियान्वयन सुचारु रूप से हो पाना संभव नही हो रहा है। नक्शे के अभाव में ही अब तक आलापुर तहसील में 65 ग्राम पंचायत में ही स्वामित्व योजना का ही कार्य शुरू हो पाया है। नक्शे के अभाव में न सिर्फ स्वामित्व योजना का कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि भूमि संबंधी अन्य वादों के निस्तारण में भी परेशानी मुश्किल हो रही है।
तहसील में सुरक्षित नक्शा न होने के कारण कार्य में मुश्किल होती है। फिलहाल जो नक्शा मौजूद है उसी से काम चलाया जा रहा है। नए नक्शे के लिए कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन अभी उपलब्ध नही हो सका है। दोबारा रिमाइंडर भेजा जाएगा। -धीरेंद्र श्रीवास्तव, एसडीएम आलापुर