- खंड शिक्षा अधिकारियों से मांगी गई रिपोर्ट, होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। मानकों को दरकिनार चल रहे 42 स्कूलों अब तक शिक्षा विभाग एक-एक लाख रुपये का जुर्माना ठोक चुका है। करीब दो दर्जन विद्यालय अभी रडार पर हैं। संबंधित शिक्षा क्षेत्रों के खंड शिक्षा अधिकारियों से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलते ही अवैध रूप से संचालित स्कूलों पर कार्रवाई हो सकती है।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी बिना मान्यता चल रहे स्कूलों पर शिकंजा कसने के लिए जांच करा रहे हैं। जलालपुर, अकबरपुर, कटेहरी, भियांव और जहांगीरगंज क्षेत्रों से जांच रिपोर्ट के आधार पर 42 विद्यालयों के प्रबंधकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया था। इन सभी विद्यालयों को पूर्व में भी खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से नोटिस जारी किए गए थे।
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इन विद्यालयों को भेजे गए नोटिस
कपिल देव बाल शिक्षा मंदिर कटेहरी, एमजी ओरिएंटल पब्लिक स्कूल बरामदपुर जरियारी कटेहरी, स्वामी दयानंद पब्लिक स्कूल महारूआगोला कटेहरी, बाल विकास साक्षरता मिशन विद्यालय मरथुआ सरैया कटेहरी, राम प्रताप सेवा शिक्षण संस्थान हरदोपुर कटेहरी, मदरसा इस्लामिया फेजानए रजा सुभाकरपुर कटहरी, स्वामी विवेकानन्द पब्लिक स्कूल खखाहरा कटेहरी, आरपीजीके आदर्श उमावि मरथुआ सरैया कटेहरी, श्रीराम मेमोरियल प्रावि बैजपुर कटेहरी, एपीएस पब्लिक स्कूल पहितीपुर औरंगनगर कटेहरी, एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल पहितीपुर जरियारी कटेहरी, नीलम श्रीवास्तव शिक्षण संस्थान निमटिनी भियांव, सनराइज पब्लिक स्कूल डिघौटा-भियांव, सरस्वती ज्ञान मंदिर भुजगी भियांव, माता विद्या देवी पब्लिक स्कूल डिघौटा भियांव, धर्मा बालिका इं का दुल्हपुर भियांव, एआरएस जल्दीपुर भियांव, आरए स्मारक इंटर काॅलेज, खरगूपुर, बीआर बीएस पब्लिक स्कूल रायपुर जहांगीरगंज, पैराडाइज इंटर नेशनल स्कूल बनकटा बुजुर्ग जहांगीरगंज।
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प्रबंधक-प्रधानाचार्य संघ की बैठक आज
जमुनीपुर। रगड़गंज के एक निजी विद्यालय में मंगलवार को दोपहर 3 बजे प्रबंधक/प्रधानाचार्य संघ की बैठक का आयोजन किया गया है। हाल ही में एक विद्यालय को बंद किए जाने व उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोके जाने के मामले पर चर्चा की जाएगी। संगठन के जिलाध्यक्ष अविनाश वर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई अनुचित और एकतरफा प्रतीत होती है, जिससे शिक्षा संस्थानों के संचालन में व्याप्त असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो रही है। बैठक के उपरांत निर्धारित तिथि पर प्रबंधक और प्रधानाचार्य संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से भेंट करेगा। साथ ही, इस विषय में अपनी मांगें व आपत्तियां सीधे तौर पर उनके समक्ष रखेगा। संवाद