बसखारी। बसखारी इलाके में नेशनल हाईवे 233 के एदिलपुर गांव में कूड़ा डंपिंग यार्ड के निकट सोमवार को भीम निषाद (32) का खून से लथपथ शव मिला। मृतक के एक सप्ताह पूर्व अपनी लाखों रुपये की जमीन बेचने की बात सामने आने के बाद लोगों के बीच हत्या की आशंका की चर्चा है। पुलिस सड़क हादसे में मौत की आशंका जताते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रही है। फिलहाल परिजनों ने हत्या की कोई तहरीर नहीं दी है।
बसखारी के रसूलपुर दरगाह निवासी भीम निषाद के माता-पिता का निधन हो चुका था और उनका छोटा भाई अर्जुन अपने परिवार के साथ अलग रहता था। भीम निषाद शराब का आदी था और इसी कारण उसकी पत्नी शादी के डेढ़ साल बाद ही उसे छोड़कर मायके चली गई थी। वह साफ-सफाई कर अपना गुजारा करता था।
रविवार सुबह वह घर से काम पर जाने की बात कहकर निकला था लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। शराब की लत के चलते परिवार के लोगों ने सोचा कि वह कहीं पीकर रुक गया होगा। सोमवार को एदिलपुर के कूड़ा डंपिंग यार्ड के पास उसका शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना मिलने के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के भाई को दी जिसके बाद परिजन सहित गांव के लोग सीएचसी पहुंच गए। प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह ने घटनास्थल पर जांच की। एएसपी हरेंद्र कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा होगा और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक सप्ताह पूर्व बेची थी लाखों की जमीन
स्थानीय लोगों के मुताबिक भीम निषाद के पिता सीताराम की चार साल पूर्व मौत हो गई थी। इसके बाद सीताराम की बसखारी स्थित कीमती जमीन भीम निषाद और उसके छोटे भाई अर्जुन के नाम वरासत हो गई थी। ग्रामीणों के अनुसार एक सप्ताह पूर्व भीम निषाद ने अपने हिस्से की जमीन चार-पांच लाख रुपये में बेची थी। रुपये कहां है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। शरीर पर मिले चोट के निशान से यह प्रतीत हो रहा है कि उसे मारा पीटा गया है।