सोमवार को जलालपुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याओं को सुनती डीएम
अंबेडकरनगर। एक ही छत के नीचे पीड़ितों को न्याय देने की सरकार की कवायद धरातल पर सफल नहीं हो पा रही है। इसी का नतीजा है कि तहसील में आयोजित होने वाला समाधान दिवस औपचारिकताओं के भेंट चढ़ गया है। समाधान दिवस में सबसे अधिक मामले राजस्व व पुलिस से जुडे़ आते हैं लेकिन इनका समाधान नाम मात्र का ही हो पाता है।
जिले में शनिवार को होने वाला समाधान सोमवार को आयोजित हुआ था। जिले में पांच तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस में आए 463 मामलों में केवल 43 शिकायतों का निस्तारण हो सका। डीएम-एसपी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने जलालपुर में जनसुनवाई की, जिसमें पीड़ितों की ओर से की गई 111 शिकायतों में केवल नौ मामलों का ही निस्तारण हो सका।
इसी तरह टांडा तहसील में 40 में पांच, आलापुर में 142 में 16, अकबरपुर में 98 में सात व भीटी में 72 में छह शिकायतों का निस्तारण हो सका। इस दौरान डीएम ईशा प्रिया ने फरियादियों की समस्याओं को सुनने के बाद उनका गुणवत्ता के साथ समय-सीमा के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। एसपी प्राची सिंह ने पुलिस से संबंधित प्राप्त शिकायतों की सुनवाई करते हुए उनके गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस दौरान सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला, सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार, एसडीएम राहुल गुप्ता आदि अधिकारी मौजूद रहे।