अंबेडकरनगर। पुलिस की मनमानी व पक्षपातपूर्ण कार्रवाई थमने का नाम नहीं ले रही। इसके चलते ही अवैध निर्माण की शिकायत पर काम काज बंद करवाने के लिए पहुंचे थाने के पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता से ही निर्माण रुकवाने के एवज में दो हजार रुपया मांग लिया। मांगी गयी धनराशि न मिलने पर पीड़ित को थाने बुलाकर एक कोने में बिठा दिया गया। इसके बाद निर्माण कर रहे पक्ष के साथ ही पीड़ित पर भी शांतिभंग का मामला बनाने की कवायद में जुट गयी। इस बीच पीड़ित के परिवारजनों ने पूरे मामले की शिकायत एसपी से की। इसके बाद ही पीड़ित को पुलिस ने छोड़ा।
एसपी अजीत कुमार सिन्हा ने कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही सख्त निर्देश दिया कि थानों से फरियादी निराश न लौटने पाएं। इसके बावजूद थानों में मनमानी व पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बंद नहीं हो रही। सोमवार को जहांगीरगंज थाने के मामपुर निवासी रामचेत गुप्त ने एसडीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि हथियारों से लैस होकर कुछ लोग उसकी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कराने की कोशिश में जुटे हैं।
एसडीएम के निर्देश बाद भी थाना पुलिस ने मामले का कोई संज्ञान तक नहीं लिया। बाद में थाने से एक सिपाही को भेजकर निर्माण कार्य को फिलहाल रुकवा दिया। रामचेत का आरोप है कि दोनों सिपाहियों ने काम रुकवाने के लिए दो हजार रुपये मांगे।
ऐसा न करने पर सिपाहियों ने उनके पुत्र को थाने बुला लिया और दोनों पक्षों पर शांतिभंग के तहत कार्रवाई की तैयारी करने लगी। इसकी सुगबुगाहट लगते ही पीड़ित ने एसपी से मिलकर मामले में हो रही पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के बारे में बताया। दोपहर बाद एसपी कार्यालय से एसओ को लगी फटकार के बाद ही पीड़ित को राहत मिल सकी।