उफनाई सरयू नदी का जलस्तर सोमवार की अपेक्षा 6 सेमी कम होकर मंगलवार को 93.04 मीटर पर पहुंचकर स्थिर हो गई। सोमवार को जलस्तर 93.10 मीटर था। जलस्तर में कमी के बावजूद निकटवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।
एक तरफ जहां एक दर्जन से अधिक गांव के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है, वहीं नगर के आधा दर्जन मोहल्लों में नाले व नालियों से जलनिकासी न होने पर गलियों में पानी भरने लगा है। इसके अलावा माझा उलटहवा के तीन ग्राम पंचायतें बाढ़ के पानी से अभी भी घिरे हुए हैं। इससे संबंधित गावों के ग्रामीणों को आवागम के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि सरयू नदी के जलस्तर में बीते एक सप्ताह से लगातार वृद्धि हो रही थी। सोमवार को जलस्तर 93.10 मीटर पर पहुंच गया था, जो खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से 37 सेमी ऊपर था। जलस्तर में हुई वृद्धि से माझा क्षेत्र के 300 बीघा खेत जलमग्र हो गए थे।
मंगलवार भोर से ही जलस्तर में कमीं होने लगी। हालांकि दोपहर बाद जलस्तर 93.04 मीटर पर पहुंचकर स्थिर हो गया, जो कि खतरे के लाल निशान से 31 सेमी ऊपर है। जलस्तर में कमीं के बावजूद एक दर्जन से अधिक गांव माझा करमपुर बरसावां, अवसानपुर, सालारपुर, नैपुरा, मीरानपुर बभनपुरा, माझा छज्जापुर, माझा कला, इस्माइलपुर बेलदहा, फूलपुर, केवटला आदि गावों के ग्रामीणों की चिंता कम नहीं हुई है।
दरअसल बाढ़ का पानी गांव के निकट तक पहुच गया है। इसके अलावा माझा उलटहवा के तीन गावों दिलशेर का पूरा, जालिम का पूरा व बाबूराम का पूरा गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर चुका है।
नतीजा यह है कि एक तरफ जहां ग्रामीणों के समक्ष मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है, वहीं उन्हें आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके अलावा नगर के आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों नेहरूनगर, मेहनिया, कश्मीरिया नई बस्ती, तलवापार, मुसहां आदि में जलनिकासी न होने से पानी भरा है।