इस बार के दीप पर्व में चायनीज झालरों की चमक फीकी रहेगी। कारण यह कि आम लोग इनकी खरीदारी से एक तरफ जहां परहेज कर रहे, वहीं दुकानदार भी चायनीज झालर व अन्य विद्युत उपकरण मंगाने से बच रहे हैं। बाजारों में स्वदेशी सामान पर ही जोर दिख रहा है।
उधर, दीप पर्व के निकट आते ही जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे-बड़े बाजारों में ड्राई फ्रूट व फास्ट फूड के सापेक्ष विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की बिक्री तेज हो गई है। न सिर्फ छेना की मांग बढ़ी है बल्कि शुगर फ्री मिठाई की भी खरीदारी लोग जमकर कर रहे हैं। काजू से निर्मित मिठाई का बाजार पर अधिक दबदबा है।
जैेसे-जैसे दीप पर्व निकट आता जा रहा है, इसे लेकर लोगों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। पर्व के उल्लास में कोई कमी न रह जाए, इसके लिए आम लोगों ने आवश्यक तैयारियां तेज कर दी हैं। घरों व प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई के साथ-साथ रंगाई-पुताई का कार्य भी अंतिम चरणों में पहुंच गया है। पर्व की खुशियां आपस में बांटने के लिए लोगों ने मिठाइयों की खरीदारी भी शुरू कर दी है।
लोगों के मिठाई के प्रति रुझान को देखते हुए जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे-बड़े बाजारों में जगह-जगह विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की दुकानें सजने लगी हैं। ड्राई फ्रूट जैसे काजू, बादाम, छुहारा व किशमिश आदि के आसमान छूते दाम के चलते लोगों का रुझान विशेष प्रकार की मिठाइयों की खरीदारी को लेकर अधिक है।
शहजादपुर के मिठाई दुकानदार संजय कुमार ने बताया कि चंद्रकला 400 रुपये प्रति किग्रा, नारियल मिठाई 400 रुपये प्रति किग्रा, मावा-आटा लड्डू 450 रुपये प्रति किग्रा, पिन्नी 1100 रुपये, शाही पिन्नी 800 रुपये, देशी घी के मोतीचूर लड्डू 360 रुपये, पनीर जलेबी 400 रुपये प्रति किग्रा की दर से बिक रहा है।