घर में घुसकर मारपीट एवं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय के निर्देश के बाद पुलिस ने लगभग छह माह बाद केस दर्ज कर लिया। एससी एसटी की धारा भी लगाते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के अताउल्लाहपुर गांव निवासिनी सरोजा देवी पत्नी रघुपति ने लगभग छह माह पूर्व लोझरा गांव निवासी राजबहादुर सिंह पुत्र जयराम सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ उसके घर में घुसकर न सिर्फ मारपीट की थी, बल्कि जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उससे अभद्रता भी की थी। उस समय पुलिस ने केस दर्ज करने की बजाए उसे वापस लौटा दिया था।
इसके बाद न्याय के लिए पीड़ित महिला ने न्यायालय की शरण ली। सोमवार को न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध एससी एसटी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
उधर इसी थाना क्षेत्र के इटवा तेजापुर गांव निवासिनी बादामा देवी पत्नी रामसुमेर ने आरोप लगाते हुए लगभग पांच माह पूर्व थाने में तहरीर दी थी कि गांव निवासी लालजी, संतराम व मोनू ने उसके घर में घुसकर न सिर्फ उसके व उसके परिवार के साथ मारपीट की थी, बल्कि जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी थी।
इतना ही नहीं, उसके छप्पर में आग भी लगा दी थी। गुहार पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी प्रकार आग पर काबू पाया था। पुलिस की संवेदनहीनता के चलते उस समय केस नहीं दर्ज हो सका था। इससे क्षुब्ध होकर महिला ने न्यायालय की शरण ली।
सोमवार को न्यायालय के निर्देश पर मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध एससी एसटी धारा समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। एसओ चंद्रभान यादव ने बताया कि दोनों मामलों में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।