भीटी (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के जुआ गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार काे प्रवाचक पंडित संजय उपाध्याय प्रभु श्रीकृष्ण के मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण, कालयवन वध से लेकर रास लीला तक का वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि रास काम पर विजय पाने की कथा है। यह शरीर की नहीं, आत्मा और परमात्मा के मिलन की कथा है। यदि मनुष्य अपने भीतर के विकारों पर विजय पा ले, तो संसार की कोई शक्ति उसे गिरा नहीं सकती। धन तभी पुण्य बनता है जब उसे दूसरों के हित में लगाया जाए। ईश्वर से दूर होना असंभव है। मनुष्य चाहे जितना भटक जाए, ईश्वर उसे वापस बुला लेते हैं। प्रवाचक ने बताया कि जीवन हमेशा वही देता है जिसकी हमें जरूरत होती है, भले ही वह हमारी इच्छाओं जैसा न हो। हर चुनौती अंदर मौजूद ताकत जगाती है, हर बिछड़ाव सच्चाई दिखाता है और हर अनुभव हमें उस इंसान में बदलता है, जिसके लिए हम जन्मे हैं।