संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही तपिश और गर्म हवा के थपेड़े बेहाल कर रहे हैं। आलम यह है कि लोग दिन में घर और दफ्तरों से बाहर निकलने से भी गुरेज कर रहे हैं। इससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहता है और व्यापार पूरी तरह से बेपटरी है। बुधवार के अधिकतम तापमान 38 डिग्री व न्यूनतम 24डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, 10-13 किमी प्रितघंटा की रफ्तार से हवा चली।
मौसम में हुए इस बदलाव के कारण अस्पतालों में वायरल बुखार व मौसम जनित बीमारियों से संबंधित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
बुधवार की सुबह से ही तेज धूप का प्रकोप बना रहा। सुबह आठ से 11 बजे तक सड़कों पर स्कूल, दफ्तर और बाजार जाने वालों की भीड़ रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ने लगा, वैसे-वैसे धूप की तपिश भी तेज होती चली गई। लोगों ने बाहर निकलने के बजाय अपने घर और दफ्तरों में ही रहने में ही भलाई समझी। शहजादपुर बाजार हो या अयोध्या मार्ग, दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा।
दुकानदारों ने प्रतिष्ठान खोले, लेकिन दिन में खरीदारों के न आने से निराशा हाथ लगी। जिला अस्पताल में 1231 से अधिक मरीजों ने अपना परचा बनवाया। इनमें सबसे ज्यादा मरीज मौसम जनित बीमारियों से संबंधित रहे। बच्चों में जहां डायरिया का प्रकोप बढ़ा है, वहीं बड़ों में पानी की कमी के कारण होने वाले रोगों के साथ वायरल बुखार बढ़ा है। उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए यह मौसम खासा मुसीबत भरा साबित हो रहा है। बीपी बढ़ने के कारण इन्हें अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। सांस के रोगियों की संख्या भी बढ़ी है।
आम के पेड़ों में इस समय बौर से फल बन चुके हैं, लेकिन तापमान अधिक होने के कारण फल पनप नहीं पा रहा है और गर्म हवा के थपेड़े लगते ही टूटकर गिर जा रहा है। इसके साथ ही प्याज व लता वर्गीय सब्जियां भी प्रभावित हो रही हैं। तेज गर्मी से बचाव के लिए किसानों को बार-बार पानी लगाना पड़ रहा है।