विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। भोले-भाले युवाओं को नौकरी का लालच देकर फर्जी ट्रेनिंग कराकर नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये ऐंठने वाले गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
सीओ टांडा शुभम कुमार ने बताया कि गैंग का सरगना सुल्तानपुर जिले के जरईकला निवासी रणविजय है। बाराबंकी के दान का पुरवा निवासी मोहित कुमार वर्मा और बस्ती जिले के पाकरडाह निवासी पंकज मौर्य गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। पुलिस ने बुधवार को राजकीय बालिका इंटर कालेज इनामीपुर के पास से तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। सीओ ने बताया कि आरोपी गैंग बनाकर कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं व बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का लालच देकर उन्हें फर्जी ट्रेनिंग दिलवाते थे। आरोपियों ने दिसंबर 2024 में विट्ज औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में गए थे। वहां स्वयं तो तीनों ने कंसल्टेंट कंपनी का कर्मचारी बताकर कई दिनों तक प्रशिक्षण दिया।
इसके बाद भी 16 लोगों से 4500-4500 रुपये लेकर लखनऊ के मैक्स अस्पताल में नौकरी का फर्जी नियुक्त प्रमाणपत्र दे दिया। वहां जाने पर युवक-युवतियां को सच्चाई का पता चलने पर ठगी का शिकार होने की जानकारी हुई। इसके बाद सभी ने 13 फरवरी 2024 को टांडा कोतवाली में केस दर्ज कराया था। तब से पुलिस सभी की तलाश में जुटी थी। बुधवार को मुखबिर ने सूचना दी कि फर्जी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले युवाओं को ठगने की फिराक में है। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर सभी को गिरफ्तार कर लिया।