अंबेडकरनगर। भाजपा सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान किसानों का सिर्फ उत्पीड़न किया है। अब सभी किसानों को मिलकर भाजपा को सबक सिखाना है। कृषि कानून के विरोध में बीते दिनों हुए आंदोलन में किसानों को बदनाम करने की साजिश भाजपा सरकार ने रची थी। किसानों पर दर्ज मुकदमा अभी तक वापस नहीं लिए गये हैं। शहीद किसानों के परिवारीजनों को मुआवजा भी नहीं दिया गया। लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी केंद्रीय मंत्री के बेटे को जमानत मिल गई। यह बातें मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकारिणी सदस्य योगेंद्र यादव ने जिला मुख्यालय पर पत्रकारों से कहीं।
योगेंद्र यादव ने कहा कि वे यहां संयुक्त किसान मोर्चा की अपील लेकर आए हैं। कृषि कानून के विरोध में किसान लगभग एक वर्ष तक आंदोलनरत रहे। इस दौरान भाजपा सरकार ने किसानों का कई प्रकार से अपमान किया। उन पर लाठियां बरर्साईं। कड़ाके की ठंड के बीच ठंडा पानी उन पर छोड़ा गया। इसमें कई किसान शहीद हो गये। किसानों की शहादत को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में चुनाव होना था। इसमें हार होती देख ही भाजपा सरकार ने कृषि कानून को वापस लिया।
योगेंद्र ने कहा कि लखीमपुर खीरी में केंद्रीय मंत्री के पुत्र ने किसानों पर वाहन चढ़कर चार किसान व एक पत्रकार को शहीद कर दिया। इस मामले में मंत्री बेटे को मुख्य आरोपी बनाया गया। इसके बाद भी उसे जमानत मिल गई। क्योंकि सरकार ने जरूरी पैरवी नहीं की। संबंधित किसानों के परिवार को मुआवजा भी नहीं दिया जा सका है। किसानों का इस प्रकार से अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चुनाव में भाजपा को हराना ही हमारा लक्ष्य है।