अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते यात्री।
अंबेडकरनगर। श्रावण माह में कांवड़ यात्रा को लेकर रूट डायवर्जन किया गया है। रूट डायवर्जन की वजह से जहां यात्रा पूरी करने में समय ज्यादा लग रहा है, वहीं दूरी बढ़ने की वजह से यात्रियों को किराया भी अधिक देना पड़ रहा है। इसके अलावा रोडवेज बसें जगह-जगह जाम में फंस रही हैं। ऐसे में बसों में यात्रियों की संख्या भी घट रही है।
अकबरपुर डिपो से दिल्ली, बस्ती, कानपुर, लखनऊ सहित अन्य शहरों के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है। सावन में होने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक स्तर से कई शहरों में रूट बदला गया है। सुल्तानुपर से आने वाले वाहनों को कूड़ेभार से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, अयोध्या की तरफ से आने वाले वाहनों को अहिरौली क्षेत्र के यादव नगर चौराहे से टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग, बस्ती से आने वाले वाहनों को कलवारी से टांडा से अकमरपुर से दोस्तपुर के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जाना पड़ रहा है।
इसके अलावा आजमगढ़ की तरफ से आने वाले वाहनों को अकबरपुर के बसखारी मार्ग से टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते गोहन्ना तिराहे से दोस्तपुर होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भेजा जा रहा है। इससे बसों को अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। रोडवेज बसों के किराये में वृद्धि होते ही लोगों ने ट्रेनों की ओर रुख किया है। यात्री लंबी दूरी जाने के लिए ट्रेन का सहारा ले रहे हैं। मंगलवार को रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ नजर आई। ट्रेन के आते ही यात्री सीट पाने की होड़ में ट्रेन के साथ दौड़ते दिखे। वहीं टिकट काउंटर पर भी यात्रियों की भीड़ देखी गई। आजमगढ़ के रहने वाले सोनू और राजेश ने बताया कि अयोध्या में डायवर्जन होने की वजह से ट्रेन से सफर करना पड़ेगा।
एआरएम हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि डायवर्जन होने से यात्रियों की संख्या में कमी हो रही है। अकबरपुर डिपो के राजस्व को प्रतिदिन करीब दो लाख का नुकसान हो रहा है।