अंबेडकरनगर। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर बुधवार को जिला शाखा की आमसभा आयोजित की गई। प्रांतीय उपाध्यक्ष अनिल कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक में शासन स्तर पर लंबित कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय की मांग उठाई गई। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से लंबित मामलों में एक माह के भीतर कार्रवाई के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।
संघ के शाखा अध्यक्ष जगदीश वर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 और 2022 से लंबित जिला न्यायालय सेवा नियमावली संशोधन, संविदा कर्मियों के वेतन में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि और नियमितीकरण, जनपद न्यायालयों में समाप्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद का पुर्नसजृन व प्रशासनिक अधिकारी के ग्रेड वेतन 4600 वाले पद को राजपत्रित दर्जा देने की मांग लंबे समय से लंबित है। इसके अलावा मकान किराया भत्ता की दरों के पुनरीक्षण की मांग भी उठाई गई। शाखा सचिव वीरेश प्रताप सिंह ने बताया कि 13 सितंबर को सदर विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन, दो अक्टूबर को तिरंगा यात्रा और 10 अक्तूबर को मुख्यमंत्री व उच्च न्यायालय को पत्र भेजकर मांगों पर शीघ्र निर्णय का आग्रह किया जाएगा।
इसके बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो 25 अक्तूबर को प्रदेशभर के जनपद न्यायालय कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर सत्याग्रह करेंगे। सभा में अशोक कुमार ओझा, शिव कुमार, जनार्दन पांडेय, अमृत लाल, राकेश कुमार मिश्र, ओमकेश पांडेय, निखिल वर्मा, सुभाष चंद्र वर्मा, रोहित गुप्ता, श्याम सुंदर समेत संगठन के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और न्यायिक कर्मचारी मौजूद रहे।