अंबेडकरनगर। प्रदेश सरकार के बजट में विशेष प्रबंध किए जाने से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेजी आएगी। जिले के 37 गांवों से होकर यह एक्सप्रेसवे गुजर रहा है। शासन ने इसके निर्माण के लिए 511 करोड़ रुपये का विशेष प्रबंध किया है। बीते दिनों ही जलालपुर तहसील के भियांव ब्लॉक में एक्सप्रेसवे पर ग्रामीणों की सुविधा के लिए तीन अंडरपास निर्माण की घोषणा शासन ने की थी। बजट में इस प्रबंध से इन सबके निर्माण में तेजी आने के आसार हैं।
यूपी सरकार का बजट गुरुवार को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए राहतभरी खबर लेकर आया। निर्माण में धन की कमी न होने पाए, इसका सरकार ने खास ध्यान रखा। लखनऊ से शुरू होकर गाजीपुर तक जाने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को गोरखपुर से जोड़ने के लिए इन दिनों गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे जलालपुर तहसील के 18 तथा आलापुर के 19 गांवों से होकर गुजरेगा।
अंबेडकरनगर जिले में कुल 25 किमी. की दूरी में एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है। यह एक्सप्रेसवे बनने से जनपदवासियों को गोरखपुर तथा जिले के पूर्वी क्षेत्र के नागरिकों को लखनऊ, गाजीपुर, दिल्ली व आगरा आदि जाने में कई घंटे की बचत होगी। निर्माण को तेजी से पूरा कराने पर सरकार का फोकस है। इसे देखते हुए ही गुरुवार को इस बजट में 511 करोड़ रुपये का विशेष प्रबंध किया गया। साथ ही 29 करोड़ रुपये औद्योगिक गलियारा विकसित करने के नाम पर प्राविधानित किए गए हैं।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए विशेष बजट दिए जाने का स्थानीय नागरिकों ने स्वागत किया है। जलालपुर के आशुतोष सिंह, राजकुमार सोनी व सुशील जायसवाल ने कहा कि इससे निश्चित रूप से निर्माण और बेहतर व त्वरित ढंग से हो सकेगा। पूर्व विधायक सुभाष राय ने स्वागत करते हुए कहा कि तीन नए अंडरपास के निर्माण की जो घोषणा बीते दिनों हुई थी, उसके निर्माण में तेजी आएगी।
निषादराज सब्सिडी योजना का मिलेगा लाभ
प्रदेश सरकार के बजट में निषादराज सब्सिडी योजना के तहत नाविकों को एक लाख रुपये की नाव लेने पर 40 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। इसका जिले के टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र के नाविकों को व्यापक लाभ मिलेगा। आलापुर के नाविक सुखीराम व जयकरन ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि उनकी नाव पुरानी हो चुकी है। नई नाव लेनी थी। अत्यंत महंगी होने के चलते लेने में कुछ समस्या आ रही थी। अब जबकि योजना के तहत 40 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी, तो ऐसे में अब नाव खरीदना आसान होगा। टांडा के नाविक राकेश ने कहा कि सरकार की यह योजना बढ़िया है। नई नाव की व्यवस्था करने में अब आसानी होगी। प्रशासन को सरकार की योजना के अनुरूप नाविकों को जरूरी सुविधा जल्द मुहैया करानी चाहिए।
दूर होगी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी
बजट में एमबीबीएस व पीजी की सीट बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। इससे जिले के उन युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई, जो मेडिकल के क्षेत्र में जाना चाहते हैं। बरधाभिउरा के अमृतांशु सिंह ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि एमबीबीएस व पीजी सीट में वृद्धि होने से उन युवाओं को भी एमबीबीएस करने का मौका मिल सकेगा, जिनकी मात्र कुछ नंबर की कमी के चलते एमबीबीएस नहीं कर पा रहे थे। अब जबकि सीट बढ़ेगी, तो इससे उन्हें मायूसी हाथ नहीं लगेगी। कई अन्य युवाओं ने भी स्वागत करते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने में यह निर्णय सहायक होगा। तमाम सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की जो कमी है, वह इस निर्णय से आगे चलकर दूर होगी। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों को आने वाले समय में चिकित्सकों के संकट से जूझना नहीं पड़ेगा। किसी महामारी आदि के समय डॉक्टरों की कमी ज्यादा भारी पड़ती है। इससे निपटने के लिए सरकार का यह कदम प्रभावी साबित होगा।
और बेहतर होंगे स्मार्ट क्लास
ाजकीय महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना के लिए बजट में 10 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। इसका सीधा लाभ जिले के दो राजकीय महाविद्यालयों को मिलेगा। जिला मुख्यालय स्थित राजकीय रमाबाई महिला पीजी कॉलेज मेें स्मार्ट क्लास की सुविधा और बेहतर होगी, जबकि पंडित रामलखन शुक्ल पीजी कॉलेज में जल्द ही इसका संचालन होने के आसार हैं। इसका लाभ संबंधित महाविद्यालय में शिक्षा हासिल कर रहे छात्र-छात्राओं को मिलेगा। इसके अलावा बजट के अनुसार इन दोनों राजकीय महाविद्यालयों में खेल उपकरण की उपलब्धता भी नए सिरे से होगी। इससे खेल प्रतिभाओं में निखार होगा।
टैबलेट व स्मार्ट फोन को लेकर जताई खुशी
युवाओं को हाईटेक करने के लिए उन्हें स्मार्ट फोन व टैबलेट सुचारु रूप से मिल सके, इसके लिए बजट में 1500 रुपये करोड़ की राशि को स्वीकृत प्रदान की गई है। इसका युवाओं ने स्वागत किया है। पहितीपुर के शिवम अग्रहरि ने कहा कि स्मार्ट फोन व टैबलेट युवाओं को सफलता की तरफ आगे बढ़ने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार ने युवाओं के हित को देखते हुए बेहतर कदम उठाया है। अकबरपुर यासिर हुसैन ने कहा कि युवाओं के उत्थान के लिए प्रदेश सरकार ने स्मार्ट पुोन व टैबलेट के लिए बड़ी रकम को मंजूरी प्रदान कर बेहतर कदम उठाया है। इससे युवाओं को आगे बढने व तकनीकी शिक्षा हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।
मदरसा शिक्षकों के चमके चेहरे
प्रदेश सरकार के बजट ने मदरसा शिक्षकों के चेहरे पर चमक बढ़ा दी। मॉडर्न मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद जमाल अहमद अंसारी ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि बजट में आधुनिकीकरण शिक्षकों के मानदेय के लिए 479 करोड़ 7 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। यह बजट विगत वर्ष के बराबर है। इस बजट से अब मदरसा शिक्षकों को मानदेय मिलने में आसानी होगी। कहा कि प्रदेश की योगी सरकार लगातार मदरसा शिक्षकों के लिए बेहतर कदम उठा रही है। बजट से एक तरफ जहां समय पर मानदेय मिलेगा, तो वहीं मदरसा शिक्षकों की आर्थिक मुश्किलें भी काफी हद तक कम होंगी। हालांकि केंद्र सरकार द्वारा बीते पांच वर्ष से मानदेय भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में केंद्र सरकार को भी प्रदेश सरकार की तरह समुचित बजट देना होगा।
डेढ़ लाख उज्ज्वला पात्रों को मिलेगा लाभ
उज्ज्वला योजना के पात्रों को होली व दीपावली में एक-एक सिलिंडर निशुल्क दिए जाने की घोषणा का जिले के डेढ़ लाख से अधिक योजना के पात्रों को लाभ मिलेगा। बजट में योजना का लाभ दिलाने के लिए 3301 करोड़ 74 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। योजना की लाभार्थी आदमपुर तिंदौली की श्यामकली ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि इससे अब उन्हें होली व दीपावली जैसे खुशी के पर्व पर सिलिंडर भरवाने की चिंता नहीं रहेगी। अकबरपुर की फूलकुमारी ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि इसका व्यापक लाभ उज्ज्वला योजना के पात्रों को मिलेगा। दरअसल बढ़ती महंगाई के चलते ज्यादातर पात्र सिलिंडर नहीं भरवा पा रहे थे, लेकिन इस घोषणा से कम से कम होली व दीपावली पर्व पर उन्हें निशुल्क सिलिंडर मिल सकेगा।
35214 विधवा महिलाओं को मिलेगी सुचारु पेंशन
विधवा महिलाओं को सुचारु रूप से पेंशन मिल सके, इसके लिए बजट में विगत वर्ष की तुलना में दो गुनी राशि को मंजूरी प्रदान की गई है। विगत वर्ष जहां 1812 करोड़ रुपये बजट था, तो इस बार इसे बढ़ाकर 4032 करोड़ रुपये कर दिया गया है। ऐसे में विधवा महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये पेंशन के रूप से सुचारु रूप से मिल सकेगी। अकबरपुर की शांति देवी ने कहा कि पहले पेंशन के रूप में पांच सौ रुपये प्रति माह मिलते थे, लेकिन गत जनवरी से एक हजार रुपये मिल रहा है। बजट में विधवा पेंशन के लिए जो बजट है, उससे पूरी उम्मीद है कि सुचारु रूप से पेंशन मिल सकेगी।