फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambedkar Nagar News: नौकरी की जंग, रिश्तों की हार से युवा हो रहे अवसाद के शिकार

Thu, 18 Dec 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। युवा वर्ग तेजी से मानसिक अवसाद की गिरफ्त में आ रहा है, जिसके पीछे नौकरी की कड़ी प्रतिस्पर्धा, प्रतियोगी परीक्षाओं का अत्यधिक दबाव और प्रेम संबंधों में असफलता जैसे प्रमुख कारण हैं। इसका सीधा प्रमाण जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में देखने को मिल रहा है। जहां औसतन रोजाना दो से चार नये अवसादग्रस्त युवा परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

मनोरोग विशेषज्ञों के अनुसार, इन युवाओं में तनाव, घबराहट, तीव्र चिड़चिड़ापन और नींद से जुड़ी गंभीर समस्याएं निरंतर बढ़ती जा रही हैं।
जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अब्दुल हलीम ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में मुख्य रूप से गहन उदासी, नींद न आने की शिकायत, लगातार थकान, एकाग्रता की कमी, अकेलापन और यहां तक कि आत्महत्या जैसे नकारात्मक विचारों की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कॅरिअर की अनिश्चितता, प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करने का भीषण दबाव, परिवार की अत्यधिक अपेक्षाएं और रिश्तों में विफलता, ये सभी कारक युवाओं पर गहरा मनोवैज्ञानिक आघात पहुंचा रहे हैं। भावनात्मक सहारे के अभाव में कई युवा स्वयं को एकदम अकेला और समाज से कटा महसूस करने लगते हैं, जिससे उनकी मानसिक स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। चिकित्सकों ने इससे उबरने के लिए युवाओं को योग, ध्यान और नियमित दिनचर्या को अपनाने तथा सकारात्मक सोच विकसित करने की सलाह दी है। चिकित्सकों का मानना है कि यदि समय पर सही परामर्श और सामाजिक सहयोग मिले, तो मानसिक अवसाद से उबरना संभव है।
(संवाद)


केस: 1

टांडा क्षेत्र का एक युवा सोमवार को ओपीडी में परामर्श के लिए आया था। वह अपने कॅरिअर को लेकर परेशान था। उसकी स्थिति यह है कि उसने अब तक कई स्थानों पर नौकरी पाने के लिए प्रयास किए, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पाई। सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की उसकी अधिकतम आयु-सीमा भी लगभग समाप्त होने वाली है। ऐसी परिस्थिति में एक निश्चित समय-सीमा के भीतर स्वयं को व्यवसायिक रूप से स्थापित करना उसके लिए अत्यंत कठिन सिद्ध हो रहा है।
विज्ञापन



केस: 2



बसखारी क्षेत्र का 24 वर्षीय एक युवा चिकित्सक के पास गहन उदासी (गुमसुम) की अवस्था में उपचार के लिए पहुंचा था। जांच में पता चला कि लगभग छह माह पूर्व हुए ब्रेकअप के कारण वह इन दिनों गहरे अवसाद में है। जब उसके परिजन उसे कोई काम करने के लिए कहते हैं, तो वह घर के सदस्यों से झगड़ने लगता है। इस तरीके के कई ऐसे मामले भी आ रहे हैं, जहां भावनात्मक रिश्तों में विफलता और बिगड़ती घरेलू दशा के कारण युवा वर्ग अवसाद का शिकार हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें