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Ambedkar Nagar News: छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार दौड़ा रहे तहसील कर्मी

Sat, 01 Feb 2025 11:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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अंबेडकरनगर। संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी उम्मीदों के साथ आने वाले फरियादियाें को आश्वासन देकर लौटा दिया गया। अधिकांश शिकायतों में निस्तारण के लिए टीम गठित कर दी गई। बार-बार तहसील और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने वाले लोग इस व्यवस्था से नाखुश दिखे। छोटे-छोटे कामों के लिए कई लोगों को बार-बार दौड़ाया जा रहा है। उन लोगों ने भी अपनी पीड़ा खुल कर बयां की।
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केस-एक
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एक साल से दौड़ रहे
टांडा क्षेत्र के डुहियां गांव के प्रभुता सैनी की भूमि डुहियां गांव में ही है जिसमें दो लोग सहखातेदार के रूप में दर्ज है। प्रभुता ने बताया कि वह एक साल से भूमि की पत्थर नसब की लिए दौड़ रहे लेकिन तहसील के कर्मचारियों के मनमाने रवैये से ये काम भी नहीं हो पा रहा है।

केस- दो
फोटो-40
छह माह से लगा रहे चक्कर
टांडा तहसील के नरकटा-बैरागीपुर निवासी सतीश ने बताया कि वह अपनी भूमि की पैमाइश के लिए प्रार्थना पत्र देने आए हैं। इस काम के लिए वह छह माह से तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। कई बार संपूर्ण समाधान दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिया लेकिन हर बार टरका दिया गया। इस बार भी आश्वासन देकर भेज दिया गया।
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केस-03
फोटो-41
दूसरे काम हो रहे प्रभावित
जलालपुर तहसील के मुस्कुराई निवासी रामनारायण पाल ने बताया कि बीते एक साल से घरौनी के लिए प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। समाधान की जगह सिर्फ दौड़ाया जा रहा है। तहसील कर्मियों की हीलाहवाली के चलते उनके दूसरे काम प्रभावित हो रहे हैं। आम जनता की समस्याओं को लेकर अफसर गंभीर नहीं हैं।
केस-04
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तीन साल से नहीं हटा कब्जा
क्षेत्र के सम्मनपुर निवासी राम आसरे ने बताया होलिका की जमीन पर विपक्षियों ने कब्जा कर रखा है। तीन साल हो गए, प्रार्थना पत्र देते-देते, लेकिन अब तक कब्जा नहीं हटाया गया है। हर बार यही कहा जाता है कि आप जाइए, टीम आएगी तब कार्रवाई होगी। होता कुछ नहीं है।

295 शिकायतों में महज 36 का निस्तारण
सभी तहसीलों पर संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। 295 फरियादी आए जिनमें से 36 का ही निस्तारण हो सका। टांडा में डीएम अविनाश सिंह ने शिकायतें सुनीं और निस्तारण के लिए मातहतों की जिम्मेदारी तय की। उन्होंने नवीन सभागार का फीता काटकर उद्घाटन किया। समाधान दिवस में सबसे ज्यादा शिकायतें भूमि विवाद की आईं।
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