फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambedkar Nagar News: टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ सड़कों पर उतरे शिक्षक

Thu, 26 Feb 2026 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को परिषदीय शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले लगभग दो हजार शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल जुलूस निकाला। हाथों में शिक्षा मंत्री होश में आओ और गुरु का अपमान, शिक्षा के भविष्य का नुकसान जैसी तख्तियां लिए शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विज्ञापन

शिक्षकों का कहना है कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी थोपना उनके अनुभव का अपमान है। एक सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे पुराने शिक्षकों को नौकरी जाने का डर सता रहा है। शीतकालीन सत्र के दौरान सांसद लाल जी वर्मा के प्रश्न पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के जवाब से शिक्षकों की उम्मीदों को झटका लगा है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष बृजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि यदि डॉक्टर, जज या पुलिसकर्मियों को दशकों की सेवा के बाद फिर से परीक्षा देने को कहा जाए, तो क्या यह व्यावहारिक होगा। उन्होंने कहा कि वर्षों की सेवा के बाद अनुभव बढ़ता है, लेकिन परीक्षा का प्रारूप अलग होता है। अचानक परीक्षा की अनिवार्यता शिक्षकों को मानसिक रूप से असहज कर रही है। शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि इस संकट के समाधान के लिए तत्काल अध्यादेश लाया जाए।
विज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष राघवेंद्र शुक्ला, जिला मंत्री राजेश कुमार यादव, जिला कोषाध्यक्ष सतन कुमार, अनिल वर्मा, मो. हसन, अनूप शुक्ला, नीलम सिंह, कामना शुक्ला, तारा तिवारी, मधुबाला, नीरज सिंह व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे जुलूस के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें