झारखंड के बस चालक के अपहरण में गिरफ्तार किए गए युवक।
अंबेडकरनगर। अयोध्या से प्रयागराज जा रही झारखंड के श्रद्धालुओं की बस रोककर चालक का अपहरण कर 60 हजार रुपये की फिरौती मांगे जाने की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। देर रात पुलिस ने चालक को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराया। साथ ही एक शिक्षिका व उसके पुत्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर गाड़ी भी बरामद की गई है।
झारखंड के हजारी बाग से चालक मुकेश तिवारी करीब 60 श्रद्धालुओं को लेकर बृहस्पतिवार को अयोध्या से प्रयागराज महाकुंभ ले जा रहे थे। रास्ते में बसखारी चौराहे पर फॉर्च्यूनर सवार लोगों ने बस रोक ली थी। चालक का अपहरण कर बस की चाभी अपने साथ ले गए और 60 हजार रुपये की मांग की थी। बस की टक्कर से फॉर्च्यूनर में ठोकर लगने के बाद यह पूरी वारदात हुई थी। घटना के बाद बसखारी चौराहे पर जाम की स्थिति बन गई थी और श्रद्धालुओं में भी आक्रोश था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई।
देर रात पुलिस ने चालक मुकेश तिवारी को रामनगर से सकुशल ढूंढ निकाला। साथ ही घटना में संलिप्त प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका सीता देवी, उसके पुत्र प्रभांशु कृष्ण निवासी ग्राम नसीरपुर थाना आलापुर व इमरान निवासी सरावां आलापुर को गिरफ्तार कर उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को कब्जे में लिया। सीओ देवेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। श्रद्धालुओं को चालक के साथ गंतव्य के लिए रवाना कर दिया है।