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तारीखों में अटका तमसा का अतिक्रमण मुक्त अभियान

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जलालपुर (अंबेडकरनगर)। बिना किसी ठोस कार्य योजना के तमसा नदी की भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाने का अभियान तारीखों के खेल में अटक गया है। इसके चलते ही अवैध कब्जे में आने वाले नदी क्षेत्र के इलाके को चिह्नित करने के लिए गठित राजस्व टीम का सर्वे कार्य पहले दिन पांच मई को संचालित होने के बाद से थमा है। पहले इसे दो दिन बाद 7 मई से फिर 10 और अब 11 मई से संचालित किए जाने की बात कही जा रही है। अब देखना होगा कि अवैध कब्जेदारी चिह्नित करने का अभियान बुधवार 11 मई से शुरू हो पाएगा अथवा नहीं।
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जलालपुर से पहले तमसा नदी के तट को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए सर्वे का कार्य अकबरपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में हुआ था। इस दौरान ठोस कार्ययोजना के चलते ही 25 अप्रैल से शुरू हुआ सर्वे कार्य तीन दिन में चिन्हांकन के साथ पूरा हो गया। इस दौरान सर्वे टीम ने 993 भवनों की सूची तैयार कर एसडीएम के माध्यम से कार्रवाई के लिए डीएम को सौंप भी दी। अकबरपुर की तर्ज पर ही जलालपुर एसडीएम मोहनलाल गुप्त ने भी 5 मई से जलालपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र से होकर गुजरने वाली तमसा नदी को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए सर्वे व चिन्हांकन की मुहिम शुरू की थी। इसके लिए तहसीलदार आलोक रंजन सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।
गठित सर्वे टीम सिर्फ पहले दिन 5 मई को ही बड़ा पुल से रपटा पुल तक सर्वे के साथ चिन्हांकन का कार्य पूरा कर पायी लेकिन इसके बाद तीन दिन में पूरा होने वाले सर्वे सत्यापन कार्य अभी तक पूरा होना तो दूर शुरू तक नहीं हो पाया है। इस संबंध में जिम्मेदारों का कहना था शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस और इसके बाद 9 व 10 मई को प्रशासनिक काम काज की व्यस्तता के कारण सर्वे अभियान संचालित नहीं हो पाया। इस दौरान राजस्व टीम के घरौनी सर्वे के कार्य में व्यस्त होने की बात कही गयी। अब एक बार फिर से अतिक्रमण के लिए सर्वे सत्यापन का कार्य बुधवार 11 मई से शुरू किए जाने की तैयारी है।
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धारा से सौ-सौ मीटर का इलाका घेरे में
सर्वे में नदी की बीच धारा से 100-100 मीटर की दूरी तक स्थित नदी स्वामित्व की जमीन पर हुए अवैध कब्जे को चिह्नित कर वहां हुए पक्के व कच्चे निर्माण कार्य को सूचीबद्ध करना था। तैयार सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही चिह्नित अतिक्रमण को हटा कर नदी क्षेत्र को कब्जामुक्त बनाया जाएगा।
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